इकरार अहमद खान ने बताया कि पिता मुश्ताक अहमद खान पहले से बीमार हैं। डॉ. शैलेष कुमार सिंह और डॉ. राजेश से उनका नियमित इलाज चल रहा है। मेजर सलमान की बरसी सात मई को पड़ती है। छह तारीख की रात को वह सलमान को याद करने लगे।
कुपवाड़ा में आतंकियों से लोहा लेते 2005 को शहीद हुए मेजर सलमान खान के शहादत दिवस पर आधी रात को उनके पिता की तबीयत बिगड़ गई। कई जगह भटकने के बाद भी डॉक्टर न मिलने पर परिजनों ने परिचितों से मदद की गुहार लगाई। इस बीच चमनगंज के डॉक्टर ने किदवईनगर चौराहा जाकर इलाज किया।
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इकरार अहमद खान ने बताया कि पिता मुश्ताक अहमद खान पहले से बीमार हैं। डॉ. शैलेष कुमार सिंह और डॉ. राजेश से उनका नियमित इलाज चल रहा है। मेजर सलमान की बरसी सात मई को पड़ती है। छह तारीख की रात को वह सलमान को याद करने लगे।
इससे तबीयत खराब हो गई। अस्पताल में चिकित्सकीय सलाह नहीं मिली। इस पर बेकनगंज में सपा पार्षद दल नेता हाजी सुहेल अहमद और चमनगंज के पार्षद राशिद महमूद शिब्बू अंसारी से मदद की गुहार लगाई। इनकी कोशिशों से रात में चमनगंज के फिजीशियन डॉ. तनवीर अहमद ने किदवईनगर चौराहा स्थित उनके घर जाकर दवाएं दीं। कहा कि जो देश के लिए शहीद हो गया हो, उनके पिता को डॉक्टरी सलाह देना गर्व की बात है। रात में डॉक्टर के साथ शिब्बू अंसारी, नौशाद मनामा भी पहुंचे।