पांच जुलाई को बेटी सिलाई सीखने के लिए घर से निकली थी। डेरापुर में युवक ने बेटी को रोका और बहाने से अपने घर ले गया और बंधक बना लिया। इस पर उन्होंने रसधान चौकी में पुलिस जानकारी दी गई। वहां से पुलिस वालों ने थाना सिकंदरा और वहां से डेरापुर थाने भेज दिया गया। पिता के मुताबिक वह बेटी की तलाश में थाने और पुलिस चौकी के चक्कर लगाते रहे। पुलिस के एक्शन न लेने पर उन्होंने भाजपा और बजरंग दल के नेताओं से संपर्क कर पूरा वाकया बताया।
मामला तूल पकड़ता देख सिकंदरा पुलिस ने मंगलवार को बेटी को आरोपी के घर से बरामद कर लिया। पिता का आरोप है कि आरोपी ने बेटी की चूड़ियां व बिछिया उतरवा दीं। साथ ही बेटी पर धर्म परिवर्तन कर निकाह करने का दबाव बनाया। आरोपी की प्रताड़ना से बेटी का मानसिक हालत भी ठीक नहीं है।
मामले की सूचना पर सीओ डेरापुर प्रीति सिंह थाने पहुंची, तो भाजपा व बजरंग दल के नेताओं ने पुलिस पर मामला मैनेज करने का आरोप लगा हो-हल्ला किया। इस दौरान उनकी सीओ से बहस भी हुई। समाचार लिखे जाने तक बजरंग दल के लोग थाने में डटे रहे और पुलिस विवाहिता से पूछताछ करती रही। सीओ का कहना है कि विवाहिता के बयान व मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।