कंबाइंड प्री मेडिकल टेस्ट (सीपीएमटी) 2015-16 के रिजल्ट आने के बाद यूपी के आयुर्वेदिक और यूनानी कॉलेजों की संबद्धता अलग-अलग राज्य के विश्वविद्यालयों से हो जाएगी। इसका सर्कुलर शासन ने जारी कर दिया है। अब संबंधित परिक्षेत्र की यूनिवर्सिटी ही कॉलेजों को संबद्धता देगी और परीक्षा कराके रिजल्ट घोषित करेगी।
अभी इन कॉलेजों की संबद्धता कानपुर यूनिवर्सिटी से है। जुलाई 2016 के बाद कानपुर यूनिवर्सिटी से इलाहाबाद, फतेहपुर और फर्रुखाबाद के यूनानी, आयुर्वेदिक कॉलेजों की संबद्धता ही रह जाएगी। कॉलेज अलग हो जाएंगे। यूपी में 29 आयुर्वेदिक, यूनानी कॉलेज हैं।
डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. टीबी सिंह ने बताया कि बुंदेलखंड और बांदा के आयुर्वेदिक, यूनानी कॉलेजों की संबद्धता अब झांसी यूनिवर्सिटी से होगी। पीलीभीत और बरेली के कॉलेज बरेली यूनिवर्सिटी से जुड़ जाएंगे। मथुरा और अलीगढ़ परिक्षेत्र के कॉलेजों को संबद्धता देने, उनकी परीक्षा कराके रिजल्ट घोषित करने का अधिकार आगरा विश्वविद्यालय को मिल जाएगा।
सहारनपुर, मेरठ और खुर्जा के आयुर्वेदिक, यूनानी कॉलेजों की परीक्षाएं मेरठ विश्वविद्यालय कराके रिजल्ट जारी कर सकेगा। गाजीपुर और आजमगढ़ के कॉलेज पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के अधीन हो जाएंगे। लखनऊ के कॉलेजों की संबद्धता लखनऊ यूनिवर्सिटी और वाराणसी के कॉलेजों की वहीं की यूनिवर्सिटी से हो जाएगी। इससे स्टूडेंटों को डिग्री लेने या फिर त्रुटि दूर कराने के लिए कानपुर नहीं आना पड़ेगा।