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मनीष गुप्ता हत्याकांड: पिता बोले- अकेला हूं, कोर्ट में क्या हुआ मैं नहीं जानता, हत्यारों की रिहाई भी हो गई है

Thu, 12 Jan 2023 05:41 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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मनीष गुप्ता हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला
बेटे के जाने के बाद पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है, किससे बात कर रही है, जांच कहां तक पहुंची। इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं रहती है। आज दोपहर में अखबार में पढ़ा तब पता चला कि बेटे के हत्यारों की रिहाई भी हो गई है। समझ नहीं आता क्या रिपोर्ट अधिकारियों ने लगाई।

मैं तो अकेला व्यक्ति कुछ कर भी नहीं सकता। मेरी सुनने वाला ही अब कौन बचा है। यह बात आंखों में डबडबाते आंसू, रूंधे गले से कारोबारी मनीष गुप्ता के पिता नंद किशोर गुप्ता ने अमर उजाला से बातचीत में कही। गोरखपुर में 15 सितंबर 2021 को शहर के कारोबारी मनीष गुप्ता की पुलिस की पिटाई से मौत हो गई थी।

मामले में मंगलवार को सीबीआई की विशेष अदालत ने पांच पुलिसकर्मी अक्षय मिश्रा, राहुल दुबे, विजय यादव, कमलेश यादव और प्रशांत कुमार को जमानत पर रिहा कर दिया है। इनके ऊपर से हत्या की धारा भी हटा दी गई है। इससे न्याय मिलने की उम्मीद खत्म हो गई है।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई टीम की पूछताछ के बाद एनेक्सी भवन से बाहर निकलते लोग। - फोटो : अमर उजाला।
नंद किशोर गुप्ता ने कहा कि जब घटना के वक्त सभी पुलिसकर्मी वहां मौजूद थे, तो ऐसे में उन्हें रिहा क्यों किया गया। इतना कहते ही वह रो पड़े। उन्होंने कहा कि घटना के बाद से बहू मीनाक्षी अपने घर चली गई। इसके बाद से किसी भी पुलिस अधिकारी ने मुझसे कोई संपर्क नहीं किया।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड।(घटना वाली रात होटल के कमरे में पूछताछ करते आरोपी पुलिसकर्मी) - फोटो : अमर उजाला।
मेरा बेटा इस दुनिया से चला गया, अब दो बेटियां हैं, जो अपनी ससुराल में रहती हैं। उन्हें भी रोज-रोज परेशान करना ठीक नहीं है। मनीष की मौत के बाद पत्नी मीनाक्षी को करीब डेढ़ करोड़ रुपये का मुआवजा मिला था। नंद किशोर के मुताबिक उस पैसे में एक रुपये भी उन्हें नहीं मिला।

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मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई टीम ने कानपुर एसआईटी से की पूछताछ। - फोटो : अमर उजाला।
घटना के कुछ दिन बाद ही मीनाक्षी अपने मायके चली गई थी। वह अपना गुजर बसर करने के लिए पहले की तरह ही विजयनगर में सिलाई का काम कर रहे हैं। जो लड़के दुकान में काम करते हैं वही खाना खिला देते हैं। उन्होंने रोते हुए कहा कि अब तो ऐसा लगता है कि हमारा अंतिम संस्कार कौन करेगा।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई टीम ने होटल कर्मचारी से की पूछताछ। - फोटो : अमर उजाला।
नाती अभिराज को देखे बहुत दिन हो गए हैं। 27 सितंबर 2022 को मीनाक्षी, मनीष की बरसी करने के लिए थाने की फोर्स लेकर आई थी। ऐसा उसने क्यों किया मुझे नहीं पता। मुझसे किस बात का खतरा ? मैं तो खुद ही अकेला हूं और परिवार के साथ रहना चाहता हूं।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड की सीसीटीवी फुटेज। - फोटो : अमर उजाला।
2021 में मनीष गुप्ता की गोरखपुर के होटल में हुई थी हत्या
सितंबर 2021 की रात में गोरखपुर के रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के होटल कृष्णा पैलेस में कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता, प्रदीप और हरवीर ठहरे थे। आरोप था कि पुलिस चेकिंग के दौरान एसएचओ समेत अन्य पुलिसवालों ने मनीष गुप्ता को सामूहिक रूप से इतना मारा कि उनकी मौत हो गई। मामले ने तूल पकड़ा और हत्या के मामले में सभी छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
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मनीष गुप्ता हत्याकांड के मामले में जांच करती एसआईटी। - फोटो : अमर उजाला।
इसके बाद में कारोबारी मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता की मांग पर पूरे मामले को एसआईटी कानपुर को स्थानांतरित किया गया था। इसी बीच मीनाक्षी गुप्ता ने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सुप्रीम कोर्ट ने पूरे प्रकरण को राउज एवेन्यू डिस्ट्रिक्ट कोर्ट (स्पेशल कोर्ट सीबीआई) में परीक्षण के लिए स्थानांतरित करने का आदेश दिया। इधर, राज्य सरकार ने मामले को सीबीआई को सौंप दिया। 
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