सुबह करीब 10 बजे के बाद जलस्तर में अचानक तेजी आई और 11 बजे नदी ने खतरे का निशान 126.500 मीटर पार कर लिया। इसके बाद रामघाट की मुख्य सड़क, दुकानें और घाट पानी में डूब गए।
खतरे के निशान के पार पहुंची मंदाकिनी
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रामघाट के रास्ते किए गए बंद
जलस्तर बढ़ने के कारण संत तुलसीदास मंदिर, मतगजेंद्र नाथ मंदिर और भरत मंदिर की ओर जाने वाले रास्तों को बंद कर दिया गया है। प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। रामघाट क्षेत्र में पानी बढ़ने के कारण स्थानीय दुकानदारों और श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ गई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में लोगों की आवाजाही रोक दी है।
नदी किनारे न जाने की अपील
प्रशासन की ओर से स्थानीय लोगों और पर्यटकों से मंदाकिनी नदी और उसके आसपास के क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की गई है। जलस्तर लगातार बढ़ने की स्थिति में प्रशासन की ओर से आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।