सगवारा और अर्की गांव की ओर सूखी मंदाकिनी
चित्रकूट। भले ही दो दिन क्षेत्र में खूब बारिश हुई लेकिन गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजपुर में मंदाकिनी नदी सूखी पड़ी है। क्षेत्र के सैकड़ों गांवों में ग्रामीणों को पेयजल सहित खेतों की सिंचाई आदि समस्या से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस बार बारिश कम होने व नदी मेें कई स्थानों पर बांध बना लेने के कारण यह समस्या आ रही है।
मंदाकिनी नदी का उदगम धर्मनगरी के अनसुइया आश्रम के पास से हुआ है। इस बार बारिश कम होने व कई स्थानों पर बांध बना लेने से शहर के आगे पड़ने वाले गांव जिन तट से नदी बहती है पूरी तरह से सूख गए हैं। जिसे पहाड़ी क्षेत्र के दर्जनों गांव तो प्रभावित है। महाकवि गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर क्षेत्र के महुंवा, कुसेली, सगवारा, अर्की, सरधुवा, आदि गांव से लगी नदी सूख गई है।
इससे भीषण गर्मी में पालतू, जानवरों जंगली जीव जंतुओं व पक्षियों को पानी की तलाश में भटकना पड़ता है। महुवा गांव के शिव कुमार, कुसैली के अनिल सिंह, सगवारा के रमाकांत, सरधुवा के विनोद सिंह कहना है बंधुइन गांव के पास बने बांध के कारण नदी सूख गई है। इधर, जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने नदी के जल स्रोतों को बचाने और गहरीकरण कराने के लिए मनरेगा से काम कराने का प्रस्ताव सामने लाया है। जिले के सभी प्रधानों व सचिवों के साथ बैठक कर इस दिशा में योजना बनाने को भी कहा है।
ऐसे में राजापुर क्षेत्र के इन हिस्सों में सूख चुकी मंदाकिनी के लिए मनरेगा से काम होगा तो निश्चित नदी का पानी बरसात के बाद भी गर्मियों तक रहेगा। स्थानीय समाजसेवीयों ने बताया कि मनरेगा से यदि नदी में काम होगा तो जल संरक्षण निश्चित होगा। मजदूरों को काम मिलेगा और पलायन भी रुकेगा।