कानपुर। जमीयत उलेमा की ओर से जाजमऊ स्थित मदरसे में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस मौके पर जहां वार्ड स्तर पर समितियां गठित करने, हर क्षेत्र से 25 से 50 योग्य युवाओं को संगठन से जोड़ने, घर-घर सर्वेक्षण करने, 50 से 100 नए सहयोगी सदस्य बनाने की चर्चा हुई, वहीं मदरसों को जमीयत स्टडी सेंटर से जोड़ने, निकाह काउंसलिंग और इमाम प्रशिक्षण के कार्यक्रम आयोजित करने पर विचार विमर्श हुआ।
मुख्य अतिथि के रूप में जमीयत के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन ने कहा कि हर मस्जिद को आदर्श मस्जिद बनाया जाए, जहां नियमित मकतब चले और प्रतिदिन दस मिनट का कुरआन व हदीस का पाठ हो। जिनके घरों और इबादतगाहों को निशाना बनाया जा रहा है, उन्हें कानूनी और सामाजिक सहयोग दिया जाए। प्रदेश महासचिव मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्लाह कासमी ने कहा कि प्रत्येक स्थानीय इकाई अपने क्षेत्र में कम से कम तीन विभागों जैसे संगठित मकतब, जिम और सद्भावना मंच पर कार्य प्रारंभ करे। संयोजक मुफ्ती मो. सलमान कासमी, मुफ्ती जाकिर हुसैन कासमी, मुफ्ती हिलाल अहमद कासमी, मुफ्ती मो. अखलाक, कारी मुजीबुल्लाह इरफानी, मौलाना मो. जकवान, शारिक नवाब, मौलाना आफताब आलम कासमी, मौलाना शरफ आलम आदि मौजूद रहे।