कस्बा कबरई में महिला के प्रेमजाल में फंसे युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी। आत्महत्या करने से पहले युवक ने न सिर्फ वीडियो बनाकर फेसबुक पर अपलोड किया बल्कि दो पन्ने का सुसाइड नोट भी लिखा। इसमें महिला और उसके पति पर रुपयों की मांग करने और लगातार दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया। पुलिस ने महिला और उसके पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
कस्बे के गांधीनगर निवासी कुलदीप गुप्ता (35) छंगा तिराहा पर परचून की दुकान किए था। वह अविवाहित था। अपने पिता व भाई से अलग रहता था। दो साल पहले उसकी दुकान पर एक महिला आई। धीरे-धीरे दोनों में दोस्ती हो गई। महिला ने युवक को अपने प्रेमजाल में फंसाकर अश्लील वीडियो भी बना लिया। इसके बाद रुपयों की मांग की जाने लगी। सुसाइड नोट के अनुसार कुछ दिन तक युवक महिला को रुपये देता रहा, लेकिन एक साल से महिला अधिक रुपये की मांग कर रही थी। इससे परेशान युवक ने मंगलवार की सुबह मकान के कमरे में रस्सी का फंदा बनाकर लटक गया। इससे उसकी मौत हो गई।
आत्महत्या से पहले युवक ने सोशल मीडिया में वीडियो वायरल किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मृतक के पास से एक दो पन्ने का सुसाइड नोट भी बरामद किया। थानाध्यक्ष राधेश्याम वर्मा का कहना है कि तहरीर के आधार पर महिला और उसके पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और दबाव बनाकर रुपये वसूलने का मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ सिटी दीपक दुबे का कहना है कि मृतक के पास से सुसाइड नोट मिला है। इसकी जांच कराई जा रही है। मामले में छानीकलां निवासी पवन सिंह और उसकी पत्नी निधि सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लिखा-इतनी कड़ी सजा दें कि दोबारा न हो इस तरह की घटना
मृतक के पास से बरामद सुसाइड नोट में लिखा है कि यह महिला मुझे कई बार आत्महत्या के लिए उकसा चुकी है। कई तरीके से ब्लैकमेल कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। इस काम में उसका पति भी सहयोग देता था। वह आत्महत्या नहीं करना चाहता था, लेकिन महिला ने उसकी जिंदगी के सारे रास्ते बंद कर दिए हैं। महिला और उसके पति को इतनी कड़ी सजा दी जाए कि बुंदेलखंड क्षेत्र में इस प्रकार की घटना फिर दोबारा न हो। महिला ने उसे इतना प्रताड़ित किया कि वह कई दिनों से दुकान तक नहीं खोल पा रहा था। ऐसे में उसके पास आत्महत्या के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। अंत में सुसाइड नोट में लिखा कि आरोपी महिला को मारा-पीटा न जाए। इसको कड़ी सजा मिले, जो कानून के दायरे में हो ताकि समाज में एक संदेश जाए और कोई ऐसा न करे किसी के साथ।