दिन-रात पत्नी और बच्चों के साथ खेत पर रहकर रखवाली की। 12 अप्रैल को गेहूं और चना की मड़ाई कराई। आरोप है कि 13 अप्रैल को जब उसने फसल का आधा हिस्सा मांगा तो दबंगों ने गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। आरजू-मिन्नत करने पर पंचायत चुनाव के बाद उपज का बंटवारा करने की बात कही। बटाईदार का आरोप है कि दबंग लगातार धमकी दे रहा है और पूरे परिवार के पैर छूने का दबाव बना रहा है।
पैर न छूने की बात कहने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उपज देने से इनकार कर दिया। पीड़ित ने एसपी से बताया कि 26 अप्रैल को बड़ी बेटी की शादी तय थी, लेकिन अनाज और रुपयों की व्यवस्था नहीं हुई। इस कारण शादी टूट गई। पीड़ित ने एसपी से मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उधर, एसपी सुधा सिंह का कहना है कि पीड़ित ने प्रार्थना पत्र दिया है। इससे स्पष्ट होता है कि दोनों पक्षों में अनाज की बटाई को लेकर कहासुनी हुई है। पीड़ित ने अन्य आरोप भी लगाए हैं, जिसकी जांच कराई जा रही है। दोषी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कराई जाएगी।