सात माह पहले किशोरी के अपहरण के मामले में फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर नाबालिग को बालिग दिखाने पर एसआई समेत तीन के खिलाफ धाेखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज हुई है। यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की गई। फर्जी दस्तावेज बनाने के इस मामले में एसआई, विद्यालय के प्रधानाचार्य और एक अन्य आरोपी शामिल है।
शहर के एक मोहल्ला निवासी युवक एक किशोरी को 18 अप्रैल 2024 को भगा ले गया था। किशोरी की मां ने कृष्ण कुमार के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस समय किशोरी की उम्र 17 वर्ष छह माह थी। आरोप है कि विवेचना के दौरान एसआई ने आरोपी से मिलकर उसकी बेटी का फर्जी आयु प्रमाण पत्र तैयार कराया। किशोरी के पिता के फर्जी हस्ताक्षर कर एक शपथ पत्र भी लगाया गया। जिसमें किशोरी की उम्र बालिग दिखाई गई। जब किशोरी के पिता को जानकारी हुई कि आरोपी को बचाया जा रहा है। तब उसने कोतवाली पुलिस व उच्चाधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद पीड़ित ने न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय के आदेश पर एसआई सुजीत कुमार जायसवाल, आरोपी कृष्ण कुमार और शिशु शिक्षा निकेतन महोबा के प्रधानाचार्य के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इससे पहले थाना कबरई क्षेत्र में इस तरह का मामला उजागर हुआ था।