175 की क्षमता वाली जेल में 475 बंदी व कैदी
महोबा उप कारागार महोबा में क्षमता से ढाई गुना बंदी व कैदी हैं। 175 की क्षमता है लेकिन 475 बंदी व कैदी निरुद्घ हैं। जेलर ने बताया कि बजट की कमी है। जेल में 32 कैमरे चल रहे हैं जबकि सूत्रों की मानें तो अधिकांश कैमरे कई बार काम करना बंद कर देते हैं।
अफसरों के निरीक्षण में सब कुछ मिलता है चकाचक
महोबा उप कारागार में अफसरों के निरीक्षण के दौरान सब कुछ चकाचक मिलता है। उनके जाते ही व्यवस्थाएं फिर पुराने ढर्रे पर लौट आती हैं। एक सप्ताह पहले डीएम, एसपी व जिला जज ने उप कारागार का निरीक्षण किया था। इसमें सब कुछ ठीकठाक पाया गया था। अफसरों ने जेल के अंदर किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री न मिलने की जानकारी दी थी, लेकिन अस्पताल आए घायल बंदी ने जेल की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है।
बंदी जितेंद्र दुष्कर्म के मामले में करीब एक वर्ष से जेल में निरुद्घ है। परिजनों के मिलने न आने से युवक परेशान रहता था। मैंने भी परिजनों से बात की, लेकिन कोई मिलने नहीं आया। इससे नाराज होकर युवक ने बाल कटिंग कक्ष से नाखून काटने के बहाने ब्लेड लाकर स्वयं को घायल कर लिया। मारपीट व अन्य आरोप बेबुनियाद हैं।
भोलानाथ मिश्रा, जेलर उप कारागार, महोबा