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UP: महामंडलेश्वर संविदानंद बोले- देश में संतों का बहुत सम्मान...ऐसा विश्व में नहीं, पढ़िए और क्या कहा

Sat, 04 Nov 2023 05:19 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हमीरपुर

सार

Hamirpur News: संत महामंडलेश्वर संविदानंद सरस्वती महाराज ने कहा मनुष्य के गुरु अनेक हो सकते हैं, लेकिन सद्गुरु एक ही होता है। उन्होंने कहा कि संत की संगति ही मनुष्य का जीवन बदल सकती है।
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सुमेरपुर में तपोभूमि में चंदन का पौधारोपण स्वामी गिरिशानंद व मुक्तानंद व स्वामी संविदानंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत देश में संतों-महापुरुषों का बहुत सम्मान है, जो विश्व में कहीं नहीं है। महापुरुषों का आशीर्वाद मिल जाए। उनका सानिध्य प्राप्त हो जाए। इससे जीवन धन्य हो जाता है। महापुरुष कभी कहीं नहीं जाते हैं। वह हमेशा यहीं रहते हैं। उन्हीं की कृपा से मनुष्यों का जीवन धन्य रहता है।

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मनुष्य जीवन में जो कुछ सीखता है, वह गुरु चरणों में ही आकर सीखता है। यह बातें प्रख्यात संत महामंडलेश्वर संविदानंद सरस्वती महाराज ने ब्रह्मलीन संत रोटीराम महाराज नागा स्वामी की तपोस्थली  में चंदन का पौधा रोपण करने के पहले भक्तों को संबोधित करते हुए व्यक्त किया।
उन्होंने कहा मनुष्य के गुरु अनेक हो सकते हैं, लेकिन सद्गुरु एक ही होता है। उन्होंने कहा कि संत की संगति ही मनुष्य का जीवन बदल सकती है। इस मौके पर स्वामी गिरीशानंद सरस्वती महाराज व स्वामी डॉ. मुक्तानंद पुरी जी महाराज ने भी भक्तों को संबोधित किया।

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समाधि स्थल पर फव्वारे का लोकार्पण किया
संतों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत ही समाज को सही मार्ग पर ले जाने का कार्य कर रहे हैं। तीनों संतों ने विरक्त आश्रम में समाधि स्थल के सामने बनाए गए फव्वारे का लोकार्पण किया। इस अवसर पर विरक्त आश्रम के महंत स्वामी जगन्नाथ, स्वामी सुखानं समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
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