क्रांतिकारियों का जज्बा, बुंदेलों में भरता है जोश
इनमें से 16 देशभक्तों को सामूहिक फांसी की सजा सुनाई गई। तय तिथि पर ज्योराहा निवासी भवानी, कल्लू समेत सभी 16 क्रांतिकारियों को हवेली दरवाजा मैदान में लगे इमली के पेड़ पर सामूहिक फांसी दी गई थी। राष्ट्रीय पर्व आने पर यह दास्तां बुंदेलों के दिल-ओ-दिमाग में ताजा हो जाती है। अंग्रेजों के खिलाफ डटकर मुकाबला करने वाले क्रांतिकारियों का जज्बा सुन बुंदेलों में जोश भर जाता है।
गंदगी से पटा मैदान, नहीं बन सका स्मारक
जिस हवेली दरवाजा मैदान में 16 क्रांतिवीरों को सामूहिक फांसी की सजा दी गई थी, यह स्थान आज भी उपेक्षित है। मैदान में जगह-जगह गंदगी फैली है। यहां शहीदों की याद में स्मारक बनाए जाने को लेकर कई बार आंदोलन हुए लेकिन आज तक शहीद स्मारक नहीं बन सका। 31 अगस्त से शुरू होने वाले ऐतिहासिक कजली मेले की भव्य शोभायात्रा का आगाज भी इसी शहीद स्थल से होगा।