वीजा बनवाकर रिश्तेदारों से मिलने आते रहते हैं
चित्रकूट आए परिजनों में एक की शादी भी भारत में हुई है। ऐसे में साल दो साल में इस परिवार के सदस्य निश्चित समय के लिए वीजा बनवाकर रिश्तेदारों से मिलने आते रहते हैं। इस बार यहां आने के बाद पाकिस्तान के हालात के चलते वहां न जाकर यही बसने का इरादा किया।
समय बढ़ाने का आवेदन किया, लेकिन बिना सहमति आ गए
मजदूरी कर परिवार पालने के लिए चित्रकूट के कमलेश पटेल के साथ शुक्रवार को चित्रकूट आ गए। मिली जानकारी के अनुसार अभी तक की जांच रिपोर्ट के आधार पर इन परिवार ने वीजा का समय बढ़ाने का आवेदन किया, लेकिन इस प्रक्रिया के पूरी होने और अधिकारियों की सहमति न मिल पाने के बावजूद यह सब यहां आ गए हैं।
एसटीएफ व एटीएस से जांच कराने की अनुमति
पुलिस टीम ने तो कई सहयोगी अखाड़े, समाजसेवी व इससे जुडे़ लोगों की जांच कराई है। एसटीएफ व एटीएस से जांच कराने के लिए एसपी ने स्वीकृति दी है। वैसे अब यही उम्मीद है कि विदेश क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) की रिपोर्ट के आने के बाद इस परिवार को जल्द ही दिल्ली भेजा जा सकता है।
एसपी बोलीं- एफआरआरओ से कोई निर्देश नहीं आए हैं
एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि जांच की रिपोर्ट भेजने के बाद अभी एफआरआरओ से कोई निर्देश नहीं आए हैं। सुरक्षा के लिहाज से दोनों परिवार के सदस्यों को पुलिस सुरक्षा में रखा गया है। इस परिवार संबधी सभी जांच पूरी होने के बाद कुछ स्थानीय अखाड़ों के सहयोग व इसके सहयोगियों की जांच चल रही है।