उत्तर प्रदेश की 108 और 102 एम्बुलेंस सेवा में कई बार गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं। शासन स्तर से इसकी उच्च स्तरीय जांच भी होती रहती है। इसी क्रम में महोबा जिले में लखनऊ की ऑडिट टीम ने एम्बुलेंस सेवा की हकीकत परखी। इस दौरान एम्बुलेंसों उपकरणों के रखरखाव और रिकॉर्ड रजिस्टर को चेक किया गया।
महोबा जिले में शासन से स्वास्थ्य विभाग में संचालित 108 व 102 नंबर एम्बुलेंस सेवा की बुधवार को ऑडिट टीम ने हकीकत परखीं। लखनऊ मुख्यालय से आए ऑडिटर रोहित पांडेय ने अस्पताल जाकर एम्बुलेंसों का औचक निरीक्षण किया। साथ ही जिला अस्पताल व सीएचसी में कार्यरत 108 व 102 के कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के उपाय बताए।
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ऑडिटर ने निरीक्षण दौरान एम्बुलेंसों के उपकरण के रखरखाव और रिकॉर्ड रजिस्टर को चेक किया। उन्होंने कार्यक्रम प्रबंधक ओमप्रकाश मिश्रा से एम्बुलेंस ऑडिट के बारे में पूछा। प्रबंधक ने बताया कि जनपद में समय-समय पर एम्बुलेंसों की ऑडिट का प्लान टीम स्वयं तय करने के साथ औचक निरीक्षण भी करती है।
उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस में कोई कमी मिलने पर तत्काल ठीक कराया जाता है। ऑडिटर ने एम्बुलेंस और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली बेहतर मिलने पर उनकी प्रशंसा की। साथ ही बताया कि एम्बुलेंस सेवा को और बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में देश में प्रदेश प्रथम स्थान पर है। कंपनी जीवीके फाउंडेशन समय-समय पर एम्बुलेंसकर्मियों को प्रशिक्षित करती है। निरीक्षण दौरान आलोक कुमार, कुलदीप, प्रभा सिंह, विजय आदि मौजूद रहे।