कानपुर। अनवरगंज स्थित लोको शेड ने एक नई उपलब्धि हासिल की है। यहां ट्रेन के 331 इंजनों को स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली कवच से लैस किया जा रहा है। लोको शेड को नवाचारों और कबाड़ का सदुपयोग करने के लिए दो अवॉर्ड दिए गए हैं।
अभी तक 138 इंजनों में कवच प्रणाली लगाई जा चुकी है। हाल ही में सूबेदारगंज से कानपुर सेंट्रल स्टेशन तक कवच प्रणाली से लैस लोको इंजन लगाकर विभिन्न ट्रेनों को संचालित करने की अनुमति दी गई थी। सभी इंजनों में भी कवच प्रणाली कानपुर लोको शेड में ही लगाई गई थी। लोको शेड ने कई नवाचार भी किए हैं। 107 इंजनों के रखरखाव और 200 से अधिक इंजनों में जल रहित मूत्रालय लगाना शामिल है।
महाप्रबंधक ने किया पुरस्कृत
प्रयागराज में बुधवार को आयोजित समारोह में प्रदेश के तीन लोको शेड के अधिकारी शामिल हुए। उत्तर-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने कानपुर लोको शेड को विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार दिया। ये पुरस्कार नए नवाचारों और निर्धारित लक्ष्य से अधिक कबाड़ का निस्तारण कर राजस्व बढ़ाने के लिए दिया गया। कानपुर लोको शेड के वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता राहुल त्रिपाठी ने यह सम्मान ग्रहण किया।