हमीरपुर में करीब तेरह वर्ष पूर्व झांसी के रानीपुर में भाजयुमो अध्यक्ष समेत तीन लोगों की हत्या किए जाने के मामले में आठ हत्यारोपियों को विशेष न्यायालय डकैती ने गुरुवार को दोषी ठहराया था। शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश अनिल कुमार शुक्ला ने हत्याभियुक्त पूर्व ब्लाक प्रमुख, उसके दो पुत्रों ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि, रानीगंज नगर पंचायत अध्यक्ष समेत आठ लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
हत्याभियुक्तों में सात को प्रत्येक को एक लाख सोलह हजार व आठवें आरोपी को एक लाख अठारह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेेश कुमार शर्मा ने बताया कि झांसी जिले के रानीपुर निवासी भाजयुमो जिलाध्यक्ष मनोज श्रोत्रिय अपने निजी अंगरक्षक दीपचंद, विमल, मोनी पाल व रामबाबू तिवारी के साथ कार से 17 दिसंबर 2006 करीब साढ़े बजे घर जा रहे थे।
सात अभियुक्तों में प्रत्येक को 1.16 लाख व एक को 1.18 लाख का जुर्माना
तभी पासा होटल के पास पहुंचते ही स्कार्पियो, टाटा सफारी व पल्सर बाइक से आए पूर्व ब्लाक प्रमुख लेखराज यादव, उसके पुत्र जयहिंद व भगत सिंह, रामस्वरूप, महेंद्र, वीर सिंह, सनु कुशवाहा व पांच अज्ञात लोग असलहे लिए उसकी कार के सामने वाहन लगाकर रोक लिया और ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। फायरिंग कर भाजयुमो जिलाध्यक्ष मनोज श्रोत्रिय, निजी अंगरक्षक विमल व मोनी को मौत के घाट उतार दिया।
गोलीबारी में दीपचंद व रामबाबू घायल हुए थे। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस की विवेचना में टीकमगढ़ के इनामी बदमाश कामकाज, स्वामी प्रसाद उर्फ पासा, दयाराम उर्फ पल्लेदार के नाम प्रकाश में आए थे। पुलिस ने स्वामी प्रसाद के पास से मृतक मनोज की लूटी गई रिवाल्वर बरामद की थी। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर मुकदमे का विचरण जिला न्यायालय में वर्ष 2007 से चल रहा था।
गुरुवार को आठ हत्याभियुक्तों को न्यायालय ने दोषी ठहराया था। शुक्रवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने सभी आठों हत्याभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही एक आरोपी स्वामी प्रसाद उर्फ पासा को एक लाख 18 हजार व अन्य सभी में प्रत्येक को एक लाख 16 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया। मुकदमे के दौरान एक आरोपी कामकाज की मौत हो चुकी है। जबकि एक आरोपी दयाराम उर्फ पल्लेदार अभी भी फरार है।