वन विभाग के अधिकारियों को 11 दिन बाद तेंदुआ ढूंढे नहीं मिला है। विभाग का दावा है कि ट्रैप कैमरे में उसकी गतिविधि दर्ज हुई है। इसको देखते हुए जंगल के और अंदर कांबिंग जारी है। साथ ही, 25 अक्तूबर के पहले से इस इलाके में तेंदुए के होने की संभावना जताई जा रही है।
कानपुर में तेंदुए को पकड़ने के लिए दिनरात प्रयास में जुटा वन विभाग ग्यारह दिन बाद भी खाली हाथ है। शुक्रवार को भी दिनभर वन विभाग और एसओएस आगरा की टीमों ने राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई) के जंगल के और भीतर के इलाकों में कांबिंग की।
विज्ञापन
हालांकि इस दौरान उनका तेंदुए से तो सामना नहीं हुआ लेकिन जीटी रोड के आसपास के इलाके में एक नीलगाय और दो जंगली सुअरों के अवशेष मिले हैं। अधिकारियों का मानना है कि तेंदुआ 25 को आईआईटी में भले दिखा हो, लेकिन जानवरों के अवशेष से यह साफ है कि वह पिछले काफी समय से इस क्षेत्र में घूम रहा है।
डीएफओ श्रद्धा यादव ने बताया कि एफएसआई के जंगल में लगे एक कैमरे में तेंदुआ दिखाई पड़ा है। इसलिए टीमों को इस क्षेत्र में जंगल के और अंदर की तरफ कांबिंग के लिए लगाया गया है। बताया कि तीन पिंजरे भी लगाए गए हैं, ताकि तेंदुए को पकड़ा जा सके।