यही वजह है कि पिंजड़े में तेंदुए को लाने के लिए काफी प्रयास किया जा रहा है। यह भी बताया जा रहा है कि आसपास की झाड़ियों में कुत्ते ही हड्डियां भी मिली हैं। लेकिन वहां पर तेंदुए के निशान नहीं दिखे।
वन विभाग की टीम लगातार इस क्षेत्र में तेंदुए की तलाश में लगी है। अभी तक उसका कोई निशान नहीं मिला है। पहले दिन ही वह सीसीटीवी कैमरे में आया था। बुधवार को लगाए गए कैमरों से खींची गई तस्वीरों के साथ कालेज के सीसीटीवी कैमरे की तस्वीरों का परीक्षण भी किया गया, लेकिन तेंदुआ नहीं दिखा।- अरविंद यादव, डीएफओ
बैराज की तरफ देखा गया तेंदुआ
बैराज के आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए को देखे जाने की बात कही जा रही है। लेकिन कैमरे में वह नजर नहीं आया है। आज से करीब 10 साल पहले जाजमऊ के प्योदी शेखपुर गांव में भी तेंदुआ आया था। उस समय भी कई दिनों तक पेट्रोलिंग के बाद उसका कहीं पता नहीं चला था। खेतों में उसके पैरों के निशान जरूर मिले थे।