22 मिनट तक ट्रैक पर खड़ी रही वडोदरा स्पेशल एक्सप्रेस
लोको पॉयलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। साथ ही स्टेशन मास्टर को पूरे मामले की सूचना दी। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे आरपीएफ के जवानों ने चंद्रपाल को इंजन से किसी तरह से निकाला। यहां एंबुलेंस से तत्काल उनको सीएचसी अछल्दा में भर्ती कराया, जहां मौजूद डॉक्टर ने इलाज के उपरांत सैफई रेफर कर दिया। इस बीच वडोदरा स्पेशल एक्सप्रेस लगभग 22 मिनट तक ट्रैक पर खड़ी रही। इससे पीछे से आ रही मालगाड़ी और टाटा नई दिल्ली एक्सप्रेस को आउटर के होम सिग्नल पर ही रोकना पड़ा।
अभी कारणों का पता नहीं चल सका है
इधर, गंभीर हालत में लहूलुहान युवक की जेब की तलाशी ली गई, तो उसमें से एक टिकट इटावा जाने के लिए मेमो का निकला। साथ ही एक कागज भी निकला, जिसमें घर का पता लिखा था। इस पर पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही घायल लेखपाल का छोटा पुत्र सत्यम सीएचसी पहुंच गया था। इस संबंध में तहसीलदार बिधूना रनवीर सिंह ने बताया कि वह हादसे में घायल लेखपाल चंद्रपाल को देखने सैफई आए हुए हैं। यहां वह बेहोशी की हालत में है। घटना के पीछे की क्या वजह से इसकी जांच कराई जाएगी। फिलहाल अभी कारणों का पता नहीं चल सका है।
प्वाइंट मरम्मत के चलते कॉसन देकर धीमी गति से निकाली जा रही थी ट्रेन से बची जान
अछल्दा रेलवे स्टेशन की डाउन लाइन पर लूप लाइन के खराब चल रहे प्वाइंट की मरम्मत का काम चल रहा है। जिसके चलते ट्रैक से कासन देकर ट्रेनों को धीमी गति से निकाला जा रहा है। बुधवार को भी यह सिलसिला जारी है। इसी बीच किसी बात से क्षुब्ध लेखपाल चंद्रपाल ट्रैक पर आत्महत्या के इरादे से ट्रेन के सामने खड़े हो गए। गनीमत यह रही कि कासन के चलते ट्रेन धीमी गति से निकल रही थी, जिससे वह केवल घायल ही हुई। अन्यथा की स्थिति में यदि रुटीन दिनों की तरह ट्रेन अपनी निर्धारित गति से निकल रही होती, तो शरीर के परखच्चे भी उड़ सकते थे।