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यूपी: चमड़ा कारोबारियों को उज्बेकिस्तान में इकाई लगाने का न्योता, होगा लाभ

Thu, 14 Apr 2022 12:50 PM IST
शिखा पांडेय अमित अवस्थी, अमर उजाला, कानपुर

सार

उज्बेक प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भारतीय कंपनियां उज्बेकिस्तान में चमड़े की इकाइयां लगाती हैं तो पूरे रूस और दि कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट (सीआईएस) क्षेत्रों के लिए भी चमड़े के जूते और जूते के ऊपरी हिस्से की मांग पूरा करना आसान होगा। कंपनियों को सीआईएस और रूस में छूट भी मिलेगी।
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आरके जालान, बोबोएव फखरिद्दीन एटोइविच, मुख्तारुल अमीन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उजचर्मसानोत एसोसिएशन उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल ने दो दिवसीय यात्रा के पहले दिन चर्म निर्यात परिषद के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। केएलसी कॉम्प्लेक्स उन्नाव में हुई बैठक में चमड़ा कारोबारियों, निर्यातकों को उज्बेकिस्तान में इकाई लगाने के लिए आमंत्रित किया।

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इकाई स्थापना के लिए दी जाने वाली सुविधाओं और रियायतों की जानकारी दी। चमड़ा और चमड़ा उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने, द्विपक्षीय व्यापार की संभावनाएं तलाशने के लिए चर्म निर्यात परिषद ने उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल को आगरा और कानपुर आमंत्रित किया था।

बैठक में उजचर्मसानोत एसोसिएशन के अध्यक्ष बोबोएव फखरिद्दीन एटोइविच, भारत के मध्यस्थ मितेश वर्मा, चर्म निर्यात परिषद के उपाध्यक्ष आरके जालान, पूर्व अध्यक्ष मुख्तारुल अमीन, क्षेत्रीय अध्यक्ष जावेद इकबाल व 15 कारोबारी शामिल हुए। आरके जालान ने उज्बेक प्रतिनिधिमंडल को बताया कि देश के शीर्ष प्रमुख निर्यातक मूल रूप से शहर से ही हैं। कानपुर चमड़ा उत्पादों, सैडलरी, हारनेस का बड़ा हब है।

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केंद्र सरकार ने सैडलरी और हार्नेस को जीआई टैग भी दिया है। मुख्तारुल अमीन ने व्यापार के अवसरों का पता लगाने के लिए विस्तृत चर्चा और आगे की कार्ययोजना तैयार करने के लिए उज्बेकिस्तान में एक भारतीय प्रतिनिधिमंडल की यात्रा का सुझाव दिया।

उज्बेक प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भारतीय कंपनियां उज्बेकिस्तान में चमड़े की इकाइयां लगाती हैं तो पूरे रूस और दि कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट (सीआईएस) क्षेत्रों के लिए भी चमड़े के जूते और जूते के ऊपरी हिस्से की मांग पूरा करना आसान होगा। कंपनियों को सीआईएस और रूस में छूट भी मिलेगी।

इससे चीन के मुकाबले भारत को लाभ होगा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रेजेंटेशन के जरिये उज्बेकिस्तान सरकार की ओर से विदेशी निवेशकों को सीमा शुल्क और कर छूट, निर्यात से संबंधित व्यापार ऋण को बढ़ावा देने, नमूने भेजने में सब्सिडी समेत कई व्यापार प्रोत्साहन उपायों की जानकारी दी। बैठक में सीएलआरआई चेन्नई के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सरवनन, अशरफ रिजवान, ताज आलम, पल्लवी दुबे आदि भी मौजूद रहे।
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