उन्नाव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व भगवंतनगर विधानसभा क्षेत्र से सात बार विधायक रहे भगवती सिंह विशारद के अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर मंगलवार को जिला मुख्यालय स्थित पार्टी कार्यालय लाया गया। यहां अंतिम दर्शन और श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए पार्टी कार्याकर्ताओं के अलावा विभिन्न दलों, संगठनों और आम लोगों का हुजूम उमड़ा।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक के आदर्शों पर चलने की शपथ ली। अंतिम दर्शन के बाद परिजन पार्थिव शरीर कानपुर मेडिकल कालेज लेकर चले गए। पूर्व विधायक का सोमवार सुबह कानपुर स्थित आवास में निधन हो गया था। सोमवार को पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव झगरपुर लाया गया था। मंगलवार सुबह साढे़ आठ बजे परिजन पार्थिव शरीर लेकर कांग्रेस पार्टी कार्यालय पहुंचे।
जहां पार्टी कार्यकर्ताओं व आम लोगों ने अंतिम दर्शन किया व पूर्व विधायक को श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देने वालों में पार्टी के जिलाध्यक्ष सुभाष सिंह, पूर्व विधायक हरि प्रसाद कुरील, जंग बहादुर सिंह, अशोक बेबी, सुंदर लाल कुरील, हनुमंत सिंह, चंदन लाल त्रिपाठी, चंद्रप्रकाश शुक्ला, आरती बाजपेयी, जावेद कमाल, सुरेंद्र कुशवाहा, संजीव श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव, कमल तिवारी, गौतम दीक्षित, शिक्षक विधायक राजबहादुर सिंह चंदेल, गौसिया खान व अवधेश सिंह मौजूद रहे।
पार्टी के जिलाअध्यक्ष सुभाष सिंह ने कहा कि भगवती सिंह विशारद जी के आदर्शों पर चलना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी। तीस मिनट तक पार्थिव शरीर को कार्यालय पर रोकने के बाद परिजन उसे लेकर कानपुर मेडिकल कालेज चले गए। जहां देहदान की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान परिजनों में वीर प्रताप सिंह, नरेश सिंह, रघुवीर सिंह, अलंकार सिंह, अंकित परिहार व अनुराग सिंह मौजूद रहे।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों ने की शोकसभा
मंगलवार को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित परिषद की ओर से शोक सभा का आयोजन किया गया। परिषद के अध्यक्ष विनोद कृष्ण शर्मा ने कहा कि विशारद जी ऐसे विधायक थे जो विधानसभा सत्र के दौरान अपना टिफिन लेकर जाया करते थे। विधायक बनने के बाद जब क्षेत्र में संक्रामक बीमारी फैली थी तो उन्होंने खुद पीड़ितों की सेवा की थी। सभा में संगठन के महामंत्री अनुभव शुक्ला ने उनके कृतित्व, व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।