कानपुर देहात। कोरोना की दूसरी लहर के कहर के बावजूद अस्पतालों में संसाधन जुटाने में जमकर लापरवाही बरती गई। जिसका खामियाजा लोगों को जान देकर चुकाना पड़ रहा है। कोविड एल-टू अस्पताल मेें ऑक्सीजन सिलिंडरों का टोंटा बना हुआ है। जिससे मरीजों की जान पर आफत बन रही है। नींद से जागे सीएमएस ने सौ जंबो आक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराने की मांग सीएमओ से की है।
कोरोना महामारी ने पिछले साल जमकर कहर बरपाया। साल के आखिरी में हालात कुछ सुधरे, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर आने की चेतावनी ने बेचैनी फिर से बढ़ा दी। संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके, इसके लिए शासन ने जिले में वेंटिलेटर सहित अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराते हुए अन्य तैयारी रखने के निर्देश दिए, लेकिन जिम्मेदारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
अप्रैल में कोरोना की दूसरी लहर ने फिर से कहर बरपाना शुरू कर दिया। जिसका नतीजा यह रहा कि ऑक्सीजन व अस्पताल में बेड न मिलने से कई मरीजों की जान चली गई। सबसे खराब हाल जिला अस्पताल अकबरपुर स्थित कोविड लेवल टू चिकित्सालय का रहा। यहां 22 वेंटिलेटर मिलने के बावजूद सिर्फ चार ही क्रियाशील किए गए।
वहीं लेवल टू का इकलौता अस्पताल होने पर भी पर्याप्त ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं जुटाए गए। ऐसे में गंभीर मरीजों की जिंदगी दांव पर बनी हुई है। हैरानी की बात यह रही कि आक्सीजन सिलिंडर की संख्या कम होने पर भी जिम्मेदार अफसर इसे दबाए बैठे रहे। किल्लत ज्यादा बढ़ने पर अब सीएमएस ने सीएमओ से सौ जंबो आक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराने की मांग की है।
जिला अस्पताल में 63 जंबो व 30 छोटे आक्सीजन सिलिंडर हैं। कमी को दूर करने के लिए 100 और जंबो ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध कराने का पत्र सीएमओ को भेजा गया है। - डॉ. एसपी सिंह (सीएमएस जिला अस्पताल पुरुष)
वेंटिलेटर के लिए मांगे दस मल्टीपैरा मॉनीटर
कानपुर देहात। कोविड एल-टू अस्पताल में पिछले एक साल से सिर्फ चार वेंटिलेटर ही चालू हालत मेें हैं। जबकि 18 शोपीस बने हुए हैं। इनमें से कई के उपकरण तक गायब हो चुके हैं। लापरवाहों पर कार्रवाई के लिए डीएम ने शासन में लिखापढ़ी की है। जिसके बाद अब सीएमएस ने वेंटिलेटर चालू करने के लिए की कवायद शुरू की है। उन्होंने दस मल्टीपैरा मॉनीटर उपलब्ध कराने की मांग सीएमओ से की है।