संदलपुर (कानपुर देहात)। ब्लॉक क्षेत्र की नौ साधन सहकारी समितियों पर डीएपी न होने से ताला लटक रहा है। इसका फायदा प्राइवेट दुकानदार उठा रहे हैं। वह किसानों से प्रति बोरी सौ रुपये अधिक तक वसूल रहे हैं। अधिक रुपये न देने पर किसानों को बिना खाद दिए वापस कर देते हैं।
ब्लॉक संदलपुर के गांव पल्हानापुर, पिंडार्थू, कसोलर, उरसान, हथूमा, धरमपुर, डिलवल व संदलपुर, फरीदपुर निर्टरा में साधन सहकारी समिति है। मौजूदा समय में किसी भी समिति में किसानों को लाही व आलू की फसल की बुआई करने के लिए डीएपी नहीं मिल पा रही है।
समितियों में ताले लटक रहे हैं। जिससे वहां पहुंचने वाले किसान वापस लौट जाते हैं। इसका फायदा कस्बे के प्राइवेट दुकानदार उठाते हुए डीएपी की कालाबाजारी करने में जुटे हुए हैं।
शासन से डीएपी की 45 किलो बोरी का रेट 1210 रुपये निर्धारित है, लेकिन प्राइवेट दुकानदार किसानों को 1320 रुपये में बेच रहे हैं। छोटे किसान शिकायतों के झंझट से बचने के लिए अधिक दामों पर खाद खरीदने को मजबूर होते हैं।
संदलपुर ब्लॉक क्षेत्र में नौ समितियां है। मौजूदा समय में खाद बेचने, बैंक में पैसे जमा करने आदि का सत्यापन चल रहा है। अभी तक छह समितियों का सत्यापन हो चुका है। डीएपी की रैक आने पर करीब तीन दिन बाद समितियों में खाद भेज पाना संभव होगा। - मनोज यादव, एडीओ सहकारिता विभाग
जिले में डीएपी की कुछ कमी है। बफर स्टाक से डीएपी का स्टाक जारी करने के लिए फाइल लगाई गई है। गुरुवार से समितियों में डीएपी को भेजा जाना शुरू कर दिया जाएगा। कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -उमेश गुप्ता, जिला कृषि अधिकारी