कुएं में उतरे राहुल व मस्तराम की हालत भी बिगड़ गई। वहीं, सतेंद्र व योगेंद्र वापस लौट आए। कुछ ही देर में माती से अग्निशमन अधिकारी कृष्ण कुमार दमकल जवानों को लेकर पहुंचे। दमकल जवानों ने जहरीली गैस का प्रभाव खत्म करने के लिए कुएं में पानी की बौछार की। इसके बाद फायरमैन अनुभव सचान रस्सी की मदद से कुएं में उतरे और राहुल, मस्तराम व कमलेश को बाहर निकाला। तीनों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। वहां डॉक्टर पवन पार्या ने परीक्षण के बाद कमलेश को मृत घोषित कर दिया।
इस पर पत्नी सीमा, पुत्र नीरज, शिवा, नयन, व पुत्री सोनी बिलखने लगे। मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि दमकल जवानों के त्वरित रेस्क्यू से कुएं में फंसे दो युवक सुरक्षित बच गए। बकरा भी सुरक्षित निकाल लिया गया। वहीं, सूचना पर एसडीएम सदर वागीश कुमार शुक्ला, सीओ प्रभात कुमार व कोतवाल विनोद पांडेय भी गांव पहुंचे।
एसडीएम सदर ने बताया कि कुएं में जहरीली गैस के प्रभाव से कमलेश की मौत हो गई। इस तरह का हादसा दैवीय आपदा के अंतर्गत नहीं आता है। इलाज के बाद राहुल व मस्तराम की हालत में सुधार है। सीओ सदर ने बताया कि कमलेश का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
कुछ दिन पहले भी गिरी थी एक ग्रामीण की बकरी
मोहम्मदपुर के इसी कुएं में 15 दिन पहले एक ग्रामीण की बकरी गिर गई थी। इस पर उसने कुएं में उतर कर बकरी सुरक्षित निकाल ली थी। इस दौरान मोहल्ले के लोग भी मौजूद थे। सोमवार को बकरा गिरा तो कमलेश कुएं में उतर गया। उसे जहरीली गैस अंदर होने का आभास तब हुआ जब वह नीचे तक पहुंच गया। गांव निवासी सुरेश ने बताया कि दम घुटने पर एक बार कमलेश कुएं से निकल आया और दूसरी बार फिर से बकरा निकालने के लिए उतरा। इस बार वहा बाहर नहीं निकल सका।
सगे भाइयों की हिम्मत को सब ने सराहा
कुएं में उतरे कमलेश को भले ही बचाया नहीं जा सका, लेकिन उसे बाहर निकालने में तीन सगे भाइयों ने दिलेरी दिखाई। ग्रामीणों ने बताया कि पुकारने के बाद कमलेश ने कुएं के अंदर से कोई जवाब नहीं दिया, तो मोहल्ले के सतेंद्र रस्सी के सहारे कुएं में उतर गए। नीचे गहराई में जाने पर दम फूलने पर वह बाहर निकल आए। इस पर दूसरा भाई राहुल उतरा। कुएं के अंतर उसकी हालत बिगड़ने लगी तो तीसरा भाई योगेंद्र भी कुएं में उतर गया।
जलती लालटेन डालकर जहरीली गैस का लगा सकते पता
अग्निशमन अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है। लापरवाही की वजह से गांवों में इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। जलती लालटेन डालकर कुएं में जहरीली गैस का पता किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की लापरवाही नहीं करनी चाहिए। यह जानलेवा हो सकती है।