अंदाजा नहीं था कि सीसीटीवी में वह कैद हो गया है
प्रभात ने पुलिस को बताया कि उसे पता था कि कुशाग्र के परिजनों के पास बहुत पैसा है। बेटे की स्कूटी मिलने पर वह डरकर बिना कहीं सूचना दिए फिरौती की रकम दे देंगे। उसने बताया कि उसे इसका अंदाजा नहीं था कि सीसीटीवी फुटेज में वह कैद हो गया है।
प्रभात के घर से कुशाग्र का बैग, हैलमेट, मोबाइल, शर्ट आदि बरामद
प्रभात को पता था कि यदि कुशाग्र का शव पुलिस को नहीं मिला तो कहीं न कहीं उनके लिए यह साबित करना मुश्किल हो जाएगा कि उन्होंने ही कुशाग्र की हत्या की है। इसलिए शव को टुकड़ों में गंगा नदी में बहाने का प्लान था। पुलिस ने प्रभात के घर से कुशाग्र का बैग, हैलमेट, मोबाइल, शर्ट, रजिस्टर और पेन भी बरामद कर लिया है।
किसी को शक न हो इसलिए चुनी थी कोठरी
डीसीपी सेंट्रल प्रमोद कुमार के अनुसार पूछताछ में प्रभात ने कबूला है कि कुशाग्र उसे जनता था। किसी को शक न हो इसलिए बीच बस्ती में स्थित घर की कोठरी में प्रभात को बहाने से लेकर पहुंचा था। हत्या के बाद फिरौती वसूलने के लिए उसका उसी शाम 5:07 बजे चंद सेकेंड का शव को औंधे मुंह करके वीडियो बनाया। योजना के मुताबिक यही वीडियो भेजकर 30 लाख रुपये की फिरौती वसूलने की योजना थी।
परिजनों ने आरोपियों से पूछताछ की जताई इच्छा
कुशाग्र के परिवार ने आरोपियों के सामने खड़े होकर उनसे यह पूछने की इच्छा जताई कि आखिर उन्होंने उनके जिगर के टुकड़े को क्यों मार डाला? कुशाग्र के चाचा सुमित कनौडिया ने पुलिस अधिकारियों से अनुरोध किया कि एक बार उन्हें और उनके परिवार को भी आरोपियों से बात करने का मौका दिया जाए। हालांकि, अभी अधिकारियों ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी। वहीं, कुशाग्र की कोचिंग के शिक्षक डेनियल सरकार ने बताया कि कुशाग्र नियमित कोचिंग आता था और हमेशा समय पर पहुंचता था। पढ़ाई में अव्वल होने से साथ ही बेहद मिलनसार था।
फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर बनाए वीडियो फुटेज
कुशाग्र कनौडिया अपहरण एवं हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस रविवार को फोरेंसिक टीम के साथ घटना से जुड़े हर स्थल पर पहुंची। इनमें कुशाग्र व प्रभात शामिल हैं। इस दौरान फोरेंसिक टीम ने आरोपियों का उसी एंगल से वीडियो बनाया, जिन एंगल से सीसीटीवी फुटेज मिले थे। बनाए गए वीडियो और कुशाग्र व प्रभात शुक्ला के घर के आसपास से बरामद फुटेज का मिलान कराने के लिए लखनऊ स्थित फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। वहां से रिपोर्ट आने पर उसे विवचेना में शामिल कर आगे कार्रवाई की जाएगी।
क्राइम ब्रांच में रखकर पूछताछ
तीनों आरोपियों से पूछताछ के लिए पुलिस लोकेशन को गोपनीय रख रही है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि तीनों पर वकीलों ने कचहरी में हमला किया था। साथ ही इस बात से भी पुलिस इन्कार नहीं कर रही कि परिवार या व्यापारी उन्हें घेरकर चोट पहुंचाए। वहीं, अधिकारियों ने तय किया है कि इन फुटेज के अलावा फोरेंसिक टीम उस समय भी फुटेज बनाएगी जब तीनों आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर पुलिस पूरे घटनाक्रम को समझने की कोशिश करेगी।
रिमांड के दौरान पुलिस तीनों आरोपियों को घटनास्थल से लेकर अलग-अलग क्राइम सीन पर ले जाएगी। पूरे क्राइम सीन को आरोपियों की मदद से दोहराया जाएगा। इस दौरान फॉरेंसिक टीम भी रहेगी। कड़ी से कड़ी जोड़कर हत्याकांड में अहम सबूत जुटाए जा रहे हैं। आरोपियों को कठोर सजा दिलाई जाएगी। -आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर