खानचंद्रपुर में सड़क किनारे डंप क्रोमियम। (संवाद)
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रनियां नगर पंचायत के खानचंद्रपुर में छह फैक्टरियों का 63 हजार मीट्रिक टन क्रोमियम कचरा खुले में डंप है। इसकी वजह से भूगर्भ जल दूषित हो गया है। एनजीटी ने इन फैक्टरी संचालकों पर 280 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। अभी जुर्माना राशि जमा नहीं हो सकी है। इधर क्रोमियम कचरा के निस्तारण की कवायद हो रही है। शासन ने यूपीसीडा को कार्यदायी संस्था नामित किया है। यूपीसीडा ने आईआईटी कानपुर को सलाहकार बनाया है।
आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों की निगरानी में कंक्रीट के गड्ढे बनाकर वेस्ट का निस्तारण होगा। इस पर करीब सौ करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। 17 नवंबर को आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों की टीम ने यूपीसीडा के अफसरों के साथ खानचंद्रपुर में चिह्नित भूमि का निरीक्षण किया था। तीन हिस्सों में मिल रही करीब साढ़े दस एकड़ भूमि पर सहमति नहीं बनी है।
आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों के भूमि अस्वीकार करने पर अब कुंभी में बन रहे मेडिकल कॉलेज के पीछे की तरफ की गाटा संख्या 592 की भूमि का प्रस्ताव मांगा गया है। यूपीसीडा के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी राजेश कुमार राय ने खानचंद्रपुर में क्रोमियम कचरा डंप के नजदीक स्थित भूमि अस्वीकार करने की जानकारी डीएम को दी है।
उन्होंने बताया है कि जरूरत से कम और तीन अलग अलग हिस्सों वाली भूमि होने से इस पर सहमति नहीं बनी। अब उन्होंने डीएम से क्रोमियम डंप स्थल से 15 से 20 किमी की दूरी पर कुंभी में चिह्नित करीब 15 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। डीएम ने नक्शा नजरी व आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश एसडीएम अकबरपुर को दिए हैं।
खानचंद्रपुर में चिह्नित की गई भूमि रिजेक्ट कर दी गई है। अब कुंभी में देखी गई 15 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने को कहा गया है। आईआईटी के विशेषज्ञों की सहमति के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। - राजेश कुमार राय, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, यूपीसीडा
क्रोमियम कचरा निस्तारण के लिए 15 एकड़ भूमि की जरूरत है। कुंभी में एसडीएम अकबरपुर ने ग्राम समाज की खाली पड़ी भूमि देखी थी। यह भूमि यूपीसीडा के अधिकारियों को उपयुक्त लग रही है। इसके लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है। - जेपी सिंह, डीएम कानपुर देहात