कानपुर। कानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (केआईटी) में एकेडमिक ऑटोनॉमस को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। ऑटोनॉमस को लेकर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि (एकेटीयू) की ओर से जांच की जा रही है। इसी बीच संस्थान की ओर से 2024-25 बैच के छात्रों को फीस वापसी के फोन करने से उनमें हलचल मच गई है। छात्रों को चिंता सता रही है कि उनके दो साल बर्बाद हो जाएंगे। वहीं, एकेटीयू ने आश्वस्त किया है कि मामले की जांच जारी है। जल्द ही परीक्षा की तिथि घोषित की जाएगी और किसी भी छात्र का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
केआईटी को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से 10 वर्षों के लिए एकेडमिक ऑटोनॉमस का अनुमोदन प्राप्त हुआ है। इस अनुमोदन के अनुसार संस्थान अपने स्वयं के पाठ्यक्रम तैयार कर सकता है, परीक्षा आयोजित कर सकता है और परिणाम जारी कर सकता है, हालांकि अंतिम डिग्री विश्वविद्यालय की ओर से ही प्रदान की जाती है। किसी भी संस्थान के लिए यूजीसी से ऑटोनॉमस का अनुमोदन प्राप्त करने के बाद विश्वविद्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करना अनिवार्य होता है। आरोप है कि केआईटी ने इस आवश्यक प्रक्रिया को पूरा नहीं किया।
2024-25 बैच में केआईटी ने ऑटोनॉमस संस्थान के रूप में ही दाखिला लिया, पाठ्यक्रम तैयार किए और परीक्षाएं आयोजित कीं। छात्रों ने दूसरे वर्ष में प्रवेश भी ले लिया। हालांकि एकेटीयू से एनओसी प्राप्त न करने के कारण इस पूरी प्रक्रिया को अमान्य माना गया। इसके बाद दोनों संस्थान कानूनी लड़ाई में उलझ गए। इसी बीच 2025-26 शैक्षणिक सत्र के लिए भी दाखिले ऑटोनॉमस संस्थान के रूप में ही हुए। हाईकोर्ट में मामला हार जाने के बाद केआईटी को अपनी गलती का एहसास हुआ।
संस्थान ने 2025-26 बैच के छात्रों का एकेटीयू के साथ पंजीकरण कराया है। अब दोनों बैचों के छात्रों के सामने अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। इस मुद्दे को लेकर छात्रों में काफी आक्रोश देखा गया, जिसके चलते हंगामा भी हुआ और एकेटीयू की जांच टीम भी संस्थान पहुंची। उस समय छात्रों ने फीस वापसी की मांग की थी, जिस पर संस्थान ने तत्काल प्रतिक्रिया दी थी।
वर्तमान में, छात्रों को फीस वापसी के संबंध में फोन आ रहे हैं, जिससे वे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उन्हें डर है कि इस पूरे प्रकरण में उनके शैक्षिक सत्र बर्बाद हो सकते हैं। इस संबंध में एकेटीयू के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने स्पष्ट किया है कि ऑटोनॉमस को लेकर एक टीम संस्थान का निरीक्षण करेगी। सभी रिपोर्टों की गहन समीक्षा के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया है कि वे चिंता न करें विश्वविद्यालय उनके साथ है और किसी भी छात्र का कोई नुकसान नहीं होगा। जल्दी परीक्षा की तारीख घोषित की जाएगी।