सीएसए का निरीक्षण करते कृषि मंत्री।
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कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में समीक्षा बैठक के लिए पहुंचे प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने विश्वविद्यालय के छात्रावासों की दयनीय स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जब उनके कमरे इतने साफ-सुथरे हैं, तो छात्रावास बदहाल क्यों हैं। मंत्री ने कहा कि वे हर महीने विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे, इस लिए अधूरे काम को जल्द ही पूरा करा लें। इसके अलावा स्पोर्ट्स ग्राउंड की हालत में सुधार करें। रिसर्च के काम पर फोकस करें और फसलों की नई वैराइटी पर जोर दें।
समीक्षा बैठक से पहले उन्होंने प्रमुख सचिव कृषि रविंद्र कुमार के साथ विवि के महिला छात्रावास झलकारी बाई, गोदावरी तथा सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के साथ-साथ बाॅयज छात्रावास का भी गहन निरीक्षण किया। कृषि मंत्री एवं प्रमुख सचिव कृषि ने छात्राओं से भोजन की गुणवत्ता के बारे में पूछा। इसके बाद विद्यार्थी प्रशिक्षण प्रयोग प्रक्षेत्र एवं शाकभाजी अनुभाग कल्याणपुर का भी निरीक्षण किया। शाकभाजी में चेरी टमाटर व अन्य प्रयोगों को देखा। निदेशक शोध डाॅ. आरके यादव से कहा कि शोध गतिविधियों को बढ़ावा दें और इसे किसानों तक पहुंचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएं।
निदेशक शोध डाॅ. आरके यादव ने बताया कि विश्वविद्यालय में शोध एवं अनुसंधान कार्य के लिए वैज्ञानिकों की कमी है। 60 से अधिक पद रिक्त पड़े हैं। इस पर कृषि मंत्री ने अधिकारियों से विश्वविद्यालय में शोध वैज्ञानिकों, ब्रीडर के खाली पड़े पदों को भरने के लिए प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजने के लिए कहा, ताकि नई प्रजातियों के विकास और शोध कार्यों को बढ़ावा मिल सके।
प्रमुख सचिव कृषि ने निदेशक प्रशासन व कुलसचिव डाॅ. नौशाद खान और अर्थ नियंत्रक से प्लान और नान प्लान में काम करने वालों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सभी को नियमानुसार वेतन वितरण कराने का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में सीएसए कुलपति उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डाॅ. संजय सिंह तथा अटारी कानपुर के निदेशक डाॅ. राघवेंद्र सिंह भी उपस्थित रहे।
अखिलेश जनता को कर रहे गुमराह
समीक्षा बैठक के बाद बाहर निकले कृषि मंत्री ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के एक करोड़ फर्जी मतदाता बनाए जाने वाले बयान को गलत बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की अनर्गल बयानबाजी से जनता को गुमराह करने की कोशिश न करें।