कानपुर से लेकर दिल्ली और पश्चिम बंगाल तक फैले किडनी व लिवर ट्रांसप्लांट कराने वाला गैंग नौबस्ता पुलिस के हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने सरगना समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग पैसे और नौकरी का लालच देकर गरीब लोगों को किडनी व लिवर देने के लिए तैयार करते थे।
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फर्जी आधार कार्ड बनवाकर अंग लेने वाले का रिश्तेदार बना देते थे। ट्रांसप्लांट का पूरा गोरखधंधा दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल और पीएसआरआई अस्पताल के कोऑर्डिनेटर के इशारे पर चल रहा है। यही लोग ऐसे लोगों से डील करते हैं, जिन्हें इन अंगों की जरूरत होती है।
किडनी के लिए 25 से 30 लाख और लिवर के लिए 70 से 80 लाख रुपये में सौदा करते थे। बिचौलियों को एक केस के चार से पांच लाख रुपये मिलते थे। अंग दान करने वाले को जो मन आया देकर चलता कर देते थे।
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जुनैद ने संगीता से कहा- तुमको मुस्लिम महिला बनना पड़ेगा
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब साकेत नगर में रहने वाले बिजली मिस्त्री राजेश कुमार कश्यप की पत्नी संगीता को इन बिचौलियों ने अपना शिकार बनाने की कोशिश की। रविवार को एसपी साउथ डॉ. रवीना त्यागी ने प्रेसवार्ता कर बताया कि राजेश मूल रूप से बांदा के बड़ी पिपराही तिंदवारी का रहने वाला है। यहां बिजली का काम करता है और पत्नी संगीता व बच्चों के साथ साकेत नगर में एक गोदाम में रहता है।
एसपी के मुताबिक राजेश के दोस्त श्याम ने उसकी मुलाकात मोहित निगम से कराई। मोहित ने उसे जुनैद से मिलवाया। जुनैद ने संगीता को दिल्ली में नौकरी दिलाने की बात कही। पिछले साल 25 नवंबर को जुनैद संगीता व राजेश को दिल्ली ले गया। जुनैद ने राजेश को एक होटल में ठहराया और संगीता को एक अस्पताल में ले जाकर ब्लड टेस्ट व एमआरआई कराई। संगीता ने पूछा तो जुनैद ने कहा कि जहां खाना पकाना है, वे बड़े लोग हैं। कोई बीमारी न होने की पुष्टि होने पर ही नौकरी पर रखेंगे। इसके बाद वह होटल आ गई।
जुनैद ने संगीता से कहा- तुमको मुस्लिम महिला बनना पड़ेगा
एसपी के मुताबिक होटल पहुंचे जुनैद ने संगीता से कहा कि तुम्हें किडनी देनी है, इसके लिए 40 लाख रुपये नगद मिलेंगे। तीन से चार लाख रुपये एडवांस मिल जाएंगे। तुमको मुस्लिम महिला बनना पड़ेगा। इसके लिए अपना आधार कार्ड दे दो। जुनैद ने एक दुकान में जाकर नाम बदलवाकर संगीता का फर्जी आधार कार्ड बनवा लिया।
इस बीच संगीता जुनैद से बचकर अपने पति के साथ कानपुर आ गई। एक फरवरी को बर्रा थाने में श्याम, मोहित, जुनैद, राजू, करन व एक अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। एसपी के मुताबिक जिस नंबर से जुनैद संगीता से बात करता था, उसे सर्विलांस पर लगाया गया। लंबी जांच के बाद शनिवार रात को बर्रा के नीलम गेस्ट हाउस के पास से सरगना समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया।
एसपी के मुताबिक इन लोगों ने फोर्टिस अस्पताल की कोऑर्डिनेटर सोनिका और पीएसआईआर अस्पताल की के कोऑर्डिनेटर सुनीता और मिथुन के माध्यम से डील होने की बात कही है। अब इन तीनों की तलाश में पुलिस दिल्ली जाएगी।
ये दबोचे गए
मैगलगंज, लखीमपुर खीरी निवासी गौरव मिश्रा : डोनर और मरीज को अस्पताल ले जाकर कोऑर्डिनेटर से मिलवाता था।
कोलकता के शिपतला थाना राजाराट निवासी सरगना टी राजकुमार राव : डोनर व मरीज को तैयार कर गौरव मिश्रा से मिलवाता था।
दिल्ली के जैतपुर एक्सटेंशन पार्ट-एक निवासी शैलेश सक्सेना : डोनर व मरीज से मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करता था।
लखनऊ के प्रेम नगर हरदोई रोड निवासी सबूर अहमद : लखनऊ से डोनर व मरीज को तैयार कर गौरव व टी राजकुमार राव से मिलवाता था।
पनकी गंगागंज-भाग दो निवासी विक्की सिंह : कानपुर से मरीज व डोनर को तैयार कर गौरव व टी राजकुमार से मिलवाता था।
लखनऊ के गली साधड़ा विक्टोरिया स्ट्रीट चौक निवासी शमशाद अली : लखनऊ से डोनर को तैयार कर गौरव मिश्रा व टी राजकुमार से मिलवाता था।
बैंक की तीन खाली पासबुक, डीएम, एडीएम, एसडीएम, थानों, बैंक और अस्पतालों, विवाह प्रमाण पत्र की सात फर्जी मुहरें। नौ एटीएम कार्ड, 14 आधार कार्ड, आठ निर्वाचन पहचान पत्र, पांच पैन कार्ड, तमाम लोगों के अंक पत्र, आठ स्मार्ट फोन, मरीज और डोनर के साथ ही उन लोगों के परिजनों के फर्जी शपथ पत्र, पीएसआरआई हॉस्पिटल से संबंधित मरीज व डोनर से जुड़े गोपनीय फर्जी दस्तावेज।
बिचौलियों के मुताबिक रैकेट पूरे देश में फैला है। तमाम जिलों में बिचौलिए सक्रिय हैं। इनमें पुलिस मात्र छह लोगों को ही दबोच सकी है। अब रैकेट से जुड़े लोगों की तलाश शुरू हो गई है।