बच्चे की मौत के बाद बदहवास पिता और दादी
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बीमारी से बच्चों की मौत को लेकर पूरे देश के लोगों में गुस्सा है। इसके बाद भी डॉक्टर संवेदनशील नहीं हैं। इसी का नतीजा है कि लोहिया अस्पताल में इमरजेंसी और एनआरसी वार्ड के चक्कर लगाने में एक मासूम बच्चे की जान चली गई। किसी भी डाक्टर ने इलाज के नाम पर बच्चे को हाथ तक नहीं लगाया।
मसेनी स्थित एसआर कोल्ड स्टोरेज के मिकट निवासी पप्पू अपनी पत्नी मीना के साथ चाढ़े माह के कुपोषित बेटे को गंभीर हालत में लेकर रविवार सुबह दस बजे लोहिया अस्पताल पहुंचे। नाजुक हालत में उसे एनआरसी (न्यूट्रिशन रिहैबिलिटेशन सेंटर) वार्ड ले गए। वहां मौजूद डाॅ. विवेक सक्सेना ने बच्चे की हालत गंभीर होने पर उसे इमरजेंसी भेज दिया। इस पर पप्पू बच्चे को इमरजेंसी ले गए।