सीए इंटरमीडिएट ग्रुप एक में 117764 छात्र शामिल हुए
परीक्षा परिणाम का प्रतिशत 36.35 रहा। दोनों ग्रुप में 35819 छात्र शामिल हुए, 7122 छात्र सफल हुए। परीक्षा परिणाम प्रतिशत 19.88 रहा। उन्होंने बताया कि सीए इंटरमीडिएट ग्रुप एक में 117764 छात्र शामिल हुए। 31978 छात्र सफल हुए। परीक्षा परिणाम 27.15 प्रतिशत रहा। ग्रुप दो में 71145 छात्र शामिल हुए, 13008 छात्र सफल हुए। परीक्षा परिणाम प्रतिशत 18.28 रहा। दोनों ग्रुप में 59956 छात्र शामिल हुए, जिसमें 11041 छात्र सफल हो पाए। परीक्षा परिणाम 18.42 प्रतिशत रहा।
खुशी ने पहले प्रयास में पाई सफलता
सीए फाइनल की टॉपर खुशी कपूर पटकापुर बिरहाना रोड में रहती हैं। पिता नीरज कपूर निजी कंपनी में काम करते हैं। मां शैफाली गृहिणी हैं। खुशी ने पहले प्रयास में दोनों ग्रुप की परीक्षा एक साथ पास की है। उनके चाचा सीए गौरव कपूर और परिवार की प्रेरणा से वह सीए बनी हैं। वह नौकरी करना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि दादी मधु और बाबा प्रदीप ने उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया।
परिवार की पहली सीए बनीं शैली
मूलरूप से फर्रुखाबाद के मऊ दरवाजा में रहने वाली शैली अग्रवाल अपने परिवार की पहली सीए बनी हैं। उनके पिता सुदर्शन गुप्ता की किराना की दुकान है। मां राखी गृहिणी हैं। शैली का कहना है कि शुरू से ही सीए बनने के लिए सोचा था। आज सपना पूरा हुआ। आगे चलकर वह नौकरी करेंगी।
मरियम ने मां का सपना पूरा किया
परेड के रजबीरोड में रहने वाली मरियम ने अपनी मां गृहिणी शबाना का सपना पूरा किया है। उनका कहना है कि मां चाहती थीं कि बेटी सीए बनकर शहर में नाम रोशन करे। पिता इशरार अहमद अधिवक्ता हैं। मरियम ने बताया कि वह साइंस वर्ग की छात्रा थीं लेकिन कुछ अलग करने के लिए कॉमर्स की पढ़ाई की। अब सीए बनी है। मरियम भी नौकरी करना चाहती हैं।
पिता सीए, बेटा भी बनेगा सीए
केशवनगर में रहने वाले चिराग बंसल के पिता दीपक सीए हैं। अब बेटा भी आने वाले समय में सीए बनेगा। चिराग ने बताया कि पहले प्रयास में सफलता हासिल की है। खुद पर भरोसा करके पढ़ाई की और सफलता हासिल की। मां राखी बंसल गृहिणी हैं।
भाई सीए और बहन बनेगी सीएस
मूलरूप से फतेहपुर चौक में रहने वाले कुणाल के पिता विजेंद्र कुमार की फतेहपुर में किराना की दुकान है। मां अनीता गृहिणी हैं। उन्होंने पहले प्रयास में सफलता हासिल की है। सीए बनने के बाद वह नौकरी करेंगे। उनकी बहन कनिका अग्रवाल सीएस एग्जिक्यूटिव की परीक्षा पास कर चुकी हैं।
सेल्फ स्टडी से पाई सफलता
शास्त्रीनगर में रहने वाली नैंसी मेहरोत्रा के पिता रोशन मेहरोत्रा की शास्त्रीनगर में कन्फेक्श्नरी की दुकान है। मां पूनम गृहिणी हैं। बीएसएस एजुकेशन सेंटर से पढ़ाई करने वाली नैंसी का कहना है कि सेल्फ स्टडी कर सफलता पाई है। सीए करने के बाद पहले नौकरी करेंगी, फिर सिविल सेवाओं की तैयारी करेंगी।