केडीए ने दो साल चार महीने बाद 14 अगस्त 2018 को मूल रकम लौटाई, पर इस अवधि का ब्याज नहीं दिया, जबकि उन्हें बैंक में ब्याज देना पड़ा। विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के ब्याज देने से इनकार करने पर उन्होंने 14 दिसंबर 2018 को जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दाखिल किया था।
फोरम में केडीए की तरफ से विशेष कार्याधिकारी सत शुक्ला ने जवाब दाखिल किया। सुनवाई के बाद आयोग के अध्यक्ष बिकानू राम और सदस्य नीलम यादव ने 20 सितंबर को केडीए को आदेश दिया कि निर्णय के 30 दिन में कांति सिंह को भुगतान करने तक की तिथि तक का सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज अदा करने का आदेश सुनाया।