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बोले काटजू, 'जरूरत पड़े तो जनता बंदूक उठाए'

Sat, 22 Oct 2016 07:55 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, कानपुर
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मार्कंडेय काटजू (फाइल फोटो)
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सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन रहे जस्टिस मार्कंडेंय काटजू ने कहा है कि अब वोट और इलेक्शन का जमाना खत्म हो रहा है। हर जगह भ्रष्टाचार और अन्याय है, अब क्रांति की जरूरत है, बंदूक की जरूरत है। बिना लड़ाई लड़े कुछ नहीं होने वाला। अब बंदूक चलेगी। जस्टिस काटजू ने देश के 50 प्रतिशत सांसदों को क्रिमिनल और 100 प्रतिशत सांसदों को भ्रष्ट बताया। इसके अलावा उन्होंने देश की न्यायिक व प्रशासनिक व्यवस्था को भी पूरी तरह से भ्रष्ट बताया।
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जस्टिस काटजू शुक्रवार को आईआईटी कानपुर के कल्चरल फेस्ट ‘अंतराग्नि 2016’ के टॉक शो में स्टूडेंटों से सीधा संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब देश संभालना है तो एक नई क्रांति की जरूरत है। इसमें बलिदान देना होगा। शायद पहले के नुकसान से ज्यादा नुकसान इस क्रांति में हो। चीन की क्रांति का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उस दौरान जितनी जानें गई थीं, शायद उससे कहीं ज्यादा जानें इस क्रांति में जाएं लेकिन क्रांति होनी चाहिए। बिना लड़ाई के कुछ हासिल नहीं होगा। ये आसान नहीं है लेकिन करना पड़ेगा।

गांधी, जिन्ना अंग्रेजाें के एजेंट
जस्टिस काटजू ने महात्मा गांधी और जिन्ना को अंग्रेजों का एजेंट बता डाला। कहा कि गांधी ने हमेशा जातिवाद और संप्रदायवाद को बढ़ावा दिया। वे गोरक्षा की बात करते थे, रामराज की बात किया करते थे। यह साफ करती है कि उनकी सोच सांप्रदायिक थी। उनके लेख, विचार पढ़िए, उनमें सब स्पष्ट है। गांधी को ड्रामेबाज तक कह डाला और यह भी कहा कि देश को आजादी नमक और सत्याग्रह आंदोलन ने नहीं दिलाई है। इसके लिए उन्होंने भगत सिंह, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद के तरीके को सही ठहराया।
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पाकिस्तान छोटा दोस्त, उसका दादा दुश्मन
आईआईटीयंस से संवाद करते हुए जस्टिस काटजू ने पाकिस्तान को अपना छोटा दोस्त बताया। कहा कि पाकिस्तान तो भारत का ही हिस्सा है। आज नहीं तो कल फिर एक हो जाएंगे। कहा कि पाकिस्तान की हरकतों के पीछे उसका ग्रैंड फादर चीन है। ये सब उसकी ही चाल है। यह भारत-पाक को समझने की जरूरत है।

सर सैय्यद अहमद खां अंग्रेजों के समर्थक
जस्टिस काटजू ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और हिंदू यूनिवर्सिटी के नामों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने सर सैय्यद अहमद को अंग्रेजों का समर्थक कहा। कहा कि कैसे किसी विशेष धर्म पर आधारित शिक्षण केंद्र बन सकते हैं। इसके लिए सर सैय्यद अहमद खां को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि अंग्रेज डिवाइड एंड रूल (बांटों और राज करो) नीति अपनाते थे और ये सब लोग उनकी मदद करते थे।

गुंडा है ठाकरे परिवार
जस्टिस काटजू ने ठाकरे परिवार को गुंडा कहते हुए कहा कि पूरे महाराष्ट्र में वे लोग गुंडई के बल पर काम करवाते हैं। बाल ठाकरे खतरनाक गुंडा थे और राज ठाकरे भी उसी तरह का है। जस्टिस काटजू ने यह बातें एक छात्र के सवाल का जवाब देते हुए कहीं, जिसमें छात्र ने उनके उस बयान के बारे में पूछा था जिसमें उन्होंने खुद को इलाहाबाद का गुंडा बताया था।

बेवकूफ है हिंदुस्तान की जनता
टॉक शो में अपनी बात रखते हुए जस्टिस काटजू ने कई बार देश की जनता को बेवकूफ कहा। बोले, हमारी जनता सब कुछ जानती है। वह समझ रही है कि नेता लोग हमें इस्तेमाल कर रहे हैं फिर भी ऐसे गुंडों को जिताकर संसद पहुंचाते हैं। जस्टिस काटजू ने छात्रों से संवाद के दौरान कई दफा भारतीय जनता को बेवकूफ कहा। यही नहीं उन्होंने यहां तक कह डाला कि यहां की जनता के दिमाग में गोबर और भूसा भरा हुआ है। ये अपने नेतृत्व के लिए ऐसे लोगों का चयन करते हैं, जो इन्हीं को लूटने का काम करते हैं।

तीन तलाक के समर्थक इस्लाम के दुश्मन
जस्टिस काटजू ने मुस्लिमों में तीन तलाक को लेकर भी ट्विट कर बयान जारी किया। उन्होंने ट्विट में कहा कि तीन तलाक के जितने भी समर्थक हैं वे सब इस्लाम के दुश्मन हैं। मुस्लिम जगत को ऐसे लोगों की निंदा करनी चाहिए।

20 साल में यूएस के बराबर आ जाएगा चीन
जस्टिस काटजू ने चीन की तरक्की के कई उदाहरण पेश किए। बोले, चीन अपनी नीतियों के चलते हमसे आगे है। उसने मार्डन इंडस्ट्री सेट कर ली है, जबकि उनके यहां हमसे ज्यादा महंगा लेबर कॉस्ट है। अगर हमारे यहां भी सही और मार्डन इंडस्ट्री लगें तो हम चीन से ज्यादा सस्ता और अच्छा सामान बाजार में ला सकते हैं।

खाने को देगा क्या राम मंदिर
जस्टिस काटजू ने एक सवाल का जवाब देते हुए बोला कि चुनाव आ गया है। अब फिर से राम मंदिर, राम मंदिर का राग अलापा जा रहा है। कोई रोजगार, विकास के लिए नहीं सोच रहा है। आखिर क्या राम मंदिर आप लोगों को खाने के लिए कुछ देगा क्या? पढ़ाई के बाद आपको नौकरी चाहिए या फिर राम मंदिर?
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