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करवाचौथ आज: 13 साल बाद बन रहे तीन शुभ योग, इस मुहूर्त में पूजन से मिलेगा शुभ फल

Thu, 13 Oct 2022 08:33 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

करवाचौथ व्रत को करने से दांपत्य जीवन में खुशियां आती हैं। साथ ही घर में समृद्धि और सौभाग्य भी बढ़ता है। इस दिन को करक चतुर्थी नाम से भी जाना जाता है। चंद्रमा को आयु, सुख और शांति का कारक माना जाता है। इनकी पूजा से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और पति की आयु भी लंबी होती है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पति की लंबी आयु के लिए रखा जाने वाला करवाचौथ का व्रत गुरुवार को है। 13 साल में यह पहला मौका है जब एक साथ तीन-तीन योग बन रहे हैं। दिन की शुरुआत सर्वार्थ सिद्धि योग से होगी। इस दिन शुक्र और बुध के एक ही राशि कन्या में होने की वजह से लक्ष्मी नारायण योग बन रहा है।

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वहीं, बुध और सूर्य भी एक ही राशि में रहकर बुधादित्य योग बना रहे हैं। पं. पवन तिवारी के अनुसार ऐसे योग में रखा गया व्रत पति और पत्नी दोनों के लिए ही सौभाग्यशाली है। पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि इस व्रत को करने से दांपत्य जीवन में खुशियां आती हैं। साथ ही घर में समृद्धि और सौभाग्य भी बढ़ता है।

इस दिन को करक चतुर्थी नाम से भी जाना जाता है। चंद्रमा को आयु, सुख और शांति का कारक माना जाता है। इनकी पूजा से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और पति की आयु भी लंबी होती है। रात 8:01 बजे चंद्रमा दिखाई देगा। इसके अलावा शाम 5:39 से 6:54 बजे तक पूजा करने का शुभ मुहूर्त है।

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शुक्र अस्त का करवाचौथ के व्रत पर कोई असर नहीं
ज्योतिषाचार्य स्वाती सक्सेना ने बताया कि करवाचौथ इस बार शुक्र की अस्त अवधि के दौरान पड़ रहा है। शुक्र ग्रह 29 सितंबर से 22 न वंबर तक अस्त है। इसी कारण इन दिनों विवाह या शुभ काम नहीं होते हैं। मगर करवाचौथ का व्रत रखने में कोई अशुभता नहीं है। शुक्र अस्त होने पर केवल विवाह के पाणिग्रहण संस्कार को वर्जित रखा गया है। जिन महिलाओं का पहला करवाचौथ व्रत है, वे भी व्रत रख सकती हैं। उन्हें माता लक्ष्मी व भगवान विष्णु की पूजा अवश्य करनी चाहिए।
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