वहीं, जिलाधिकारी ने अपने स्तर से अपर नगर मजिस्ट्रेट (षष्टम) को जांच अधिकारी नामित किया था। रिपोर्ट में सामने आया कि राजस्व निरीक्षक ने मौके पर जांच तक नहीं की। कोई जांच आख्या भी प्रस्तुत नहीं की। जिलाधिकारी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर सोमवार को बहाली करते हुए राजस्व निरीक्षक को मूल पद अमीन संग्रह पर तैनात करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि किस तहसील में तैनात किया जाएगा, ये अभी तय नहीं है, लेकिन नियम है कि जहां से प्रोन्नति मिलती है, डिमोशन में वहीं भेजा जाता है।
अधिकारियों की जांच में आरोप सही पाए गए थे। भ्रष्टाचार के आरोपी को बहाल करते हुए पदोन्नति निरस्त कर मूल पद अमीन संग्रह पर तैनाती के आदेश दिए हैं। -राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी