प्रदेश में सबसे अधिक आत्महत्या की दर कानपुर की है। नगर में एक लाख की आबादी पर आत्महत्या की दर 16.8 है वहीं दूसरे शहरों लखनऊ, प्रयागराज, आगरा, मेरठ में यह दर 10 है। यह जानकारी जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग के प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय चौधरी ने शोध के हवाले से दी है। उन्होंने बताया कि आत्महत्या के प्रयास के मामलों में महिलाओं की संख्या अधिक है लेकिन आत्महत्या से मरने वालों में पुरुषों की संख्या अधिक होती है।
मनोरोग विभागाध्यक्ष प्रोफेसर चौधरी ने विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस की पूर्व संध्या पर बताया कि आत्महत्या के कारणों में पारिवारिक कलह प्रमुख होती है। इसके अलावा अवसाद, कैंसर, डायबिटीज, डायबिटिक न्यूरोपैथी और दूसरी पुरानी बीमारियों से आजिज लोग आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाते हैं। इसके अलावा नशे की प्रवृत्ति, कर्ज का बोझ, बेरोजगारी, अकेलापन भी आत्महत्या जैसे कृत्य के लिए रिस्क फैक्टर है। महिलाएं आत्महत्या का प्रयास अधिक करती हैं।