तेंदुए के बच्चों को दूध पिलाते डॉक्टर
अपने दो बच्चों संग खेत में बैठी मादा तेंदुआ पर उस वक्त संकट आ गया जब अचानक खेत में आग लग गई। बिजनौर के खेत में आग लगने से मादा तेंदुआ की मौत हो गई वहीं उसके दो बच्चे मौत के मुंह से किसी तरह बाहर निकाल लिए गए। वन विभाग ने अब इन नन्हे तेंदुओं को कानपुर जू प्रशासन को सौंप दिया है। यहां इनकी देखरेख डॉ. आरके सिंह की देख में की जा रही है।
कुछ दिनों पहले बिजनौर में गन्ने के खेत में आग लग गई थी। उस समय मादा तेंदुआ अपने दो बच्चों के साथ बैठी थी। देखते ही देखते मादा तेंदुआ भी आग की चपेट में आ गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वहीं उसके साथ मौजूद उसके दो बच्चे भागते समय सूखे कुएं में गिर गये थे। गांववालों ने किसी तरह नन्हें तेंदुओं को बाहर निकाला और वन विभाग को सौंप दिया। बिजनौर वन विभाग की टीम वहां पहुंची और दोनो बच्चों को सुरिक्षत बाहर कानपुर प्राणि उद्यान ले आई। इन बच्चों को हर रोज 2-2 घंटे के अंतराल में बोतल से दूध पिलाया जा रहा है। एक महीने बाद ये बच्चे मांस खाने के लिए तैयार हो पायेंगे।