कानपुर। कभी भारी सामान उठाने तो कभी उछल कूद करने से नाभि उखड़ने की बात आपने जरूर सुनी होगी। इससे होने वाले असहनीय दर्द, पेट खराब होने की समस्या से भी अक्सर लोग जूझते हैं। शीर्षासन की मदद से इस परेशानी से बचा जा सकता है, लेकिन कई लोग इसे करना नहीं जानते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए भरुआसुमेरपुर निवासी सिद्धार्थ सिंह ने योग टेबल बनाई है।
इसकी मदद से अधिक वजन वाले व्यक्ति भी आसानी से शीर्षासन कर इसका लाभ ले सकते हैं। सिद्धार्थ का स्टार्टअप आईआईटी कानपुर से इंक्यूबेटेड है। चंडीगढ़ से एमबीए कर चुके सिद्धार्थ स्वयं इस समस्या से काफी ग्रस्त रहे हैं। उन्होंने बताया कि काफी सालों तक डॉक्टर इसका इलाज नहीं ढूंढ सके थे। फिर जब इसके बारे में रिसर्च की तो पता चला कि नाभि हटने का मतलब आंतें अव्यवस्थित हो जाना होता है, जिससे शरीर को पोषण नहीं मिल पाता।
पेट में दर्द और सूजन हो जाती है। इसका शीर्षासन से बेहतर कोई उपाय नहीं है। वहीं, काफी लोग शीर्षासन करना नहीं जानते हैं। सिद्धार्थ ने बताया कि उन्होंने 10 साल मेहनत करके योग टेबल तैयार की। इसकी मदद से अधिक से अधिक वजनदार इंसान भी आसानी से शीर्षासन कर सकता है। शीर्षासन के साथ ही यह टेबल पैरों में खिंचाव भी करता है, जिससे नसों की कई बीमारियां भी ठीक होती है।
अभी मैनुअल है मशीन
सिद्धार्थ कहते हैं कि शुरुआती दौर में योग टेबल तीन क्विंटल की बनकर तैयार हुई थी। कई बार इस पर काम किया तब जाकर यह 20 किलो की हुई। उन्होंने बताया कि योग टेबल पूरी तरह से मैनुअल है, आईआईटी की मदद से इसे इलेक्ट्रानिक फाॅर्म में तैयार करना है।
300 लोगों पर हो चुकी है टेस्टिंग
सिद्धार्थ ने बताया कि 300 लोगों पर अभी तक इस योग टेबल की टेस्टिंग हो चुकी है। इसमें अधिकतर लोगों को फायदा मिला है। मैनुअल योग टेबल का इस्तेमाल आईआईटी के कई छात्र और प्रोफेसर भी कर चुके है।