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Exclusive: बिना ई-टेंडर करा दिए 30 लाख के काम, काम की गुणवत्ता भी खराब…अब भुगतान की तैयारी, पढ़ें पूरा मामला

Tue, 13 Jan 2026 10:31 AM IST
हिमांशु अवस्थी मोहित गुप्ता, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: कानपुर नगर निगम के जोन-पांच में ई-टेंडरिंग की अनदेखी कर जनप्रतिनिधियों के करीबियों से 30 लाख के घटिया निर्माण कार्य कराए गए। उनका भुगतान अब पिछली तारीखों में टेंडर दिखाकर करने की तैयारी है।
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सीटीआई नहर पर बनाए गए घाट पर उखड़ रहे हैं पत्थर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर नगर निगम में ई-टेंडर की व्यवस्था की अनदेखी की गई। जोन पांच में बिना ई-टेंडर कराए लगभग 30 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्य करा दिए गए हैं। अब इन कार्यों के भुगतान की बारी आई, तो टेंडर प्रक्रिया कराने की तैयारी की जा रही है। सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए शासन ने नगर निगमों सहित सभी विभागों में ई-टेंडर व्यवस्था लागू की है।

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इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि काम सबसे कम दर पर और निर्धारित गुणवत्ता के साथ हों। ई-टेंडर के तहत संबंधित कंपनी को वर्क ऑर्डर जारी किया जाता है और फिर काम शुरू होता है। हालांकि, नगर निगम के जोन पांच में इसका उल्लंघन किया गया। यहां सचान चौराहा नहर से दबौली वेस्ट के बीच छठ पूजा स्थलों पर विभिन्न मदों में 30 लाख रुपये से अधिक के कार्य बिना किसी ई-टेंडर प्रक्रिया के ही पूरे करा दिए गए हैं।

काम की गुणवत्ता भी खराब
बिना उचित प्रक्रिया के कराए गए इन कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। मौजूदा समय में गोपालनगर में घाटों पर लगाए गए पत्थर टूटकर बाहर निकल रहे हैं। इसी तरह, सीटीआई नहर घाट पर भी पत्थरों के निकलने की समस्या देखी जा रही है। इसके अतिरिक्त लगभग सभी घाटों पर लगाई गई स्टील की रेलिंग की गुणवत्ता निम्न स्तर की है जो जरा सा जोर लगने पर हिलने लगती है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि ज्यादातर जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों और उनके करीबी लोगों को सौंपा गया है।

सिंचाई विभाग की सिल्ट से घाटों की दुर्दशा
सीटीआई नहर से दबौली वेस्ट तक की जा रही सफाई के दौरान निकली सिल्ट को नगर निगम ने बनाए गए घाटों के ऊपर ही डंप कर दिया है। इससे न केवल घाटों की स्थिति और खराब हो गई है बल्कि रास्ते में सिल्ट जमा होने के कारण यातायात भी बाधित हो रहा है।

कुछ कार्य आपात स्थिति में कराए जाते हैं। छठ पूजा के समय नहर में काम कराना आवश्यक था। इस लिए जल्दबाजी में कराए गए। कंपनियों को भुगतान करने की प्रक्रिया के लिए री-टेंडरिंग कराई गई है।  -कमलेश पटेल, जोन पांच के अधिशासी अभियंता
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वार्ड         कार्य का विवरण                                                          अनुमानित लागत (लाख रुपये)
34        रतनलालनगर में गुरुद्वारा के पास नहर पर घाट निर्माण                       9.93
55        झांसी लाइन के पास घाट निर्माण व छठ पूजा घाट की रंगाई-पुताई           9.10
45        गुलाब गार्डेन में पूजा घाट की रंगाई-पुताई व मरम्मत                             9.86
07        सीटीआई पूजा स्थल, गोपालनगर में घाट की रंगाई-पुताई                       1.91
72        पाल ढाबा के पास घाट निर्माण                                                           9.82
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