सीटीआई नहर पर बनाए गए घाट पर उखड़ रहे हैं पत्थर
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कानपुर नगर निगम में ई-टेंडर की व्यवस्था की अनदेखी की गई। जोन पांच में बिना ई-टेंडर कराए लगभग 30 लाख रुपये से अधिक के विकास कार्य करा दिए गए हैं। अब इन कार्यों के भुगतान की बारी आई, तो टेंडर प्रक्रिया कराने की तैयारी की जा रही है। सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए शासन ने नगर निगमों सहित सभी विभागों में ई-टेंडर व्यवस्था लागू की है।
इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि काम सबसे कम दर पर और निर्धारित गुणवत्ता के साथ हों। ई-टेंडर के तहत संबंधित कंपनी को वर्क ऑर्डर जारी किया जाता है और फिर काम शुरू होता है। हालांकि, नगर निगम के जोन पांच में इसका उल्लंघन किया गया। यहां सचान चौराहा नहर से दबौली वेस्ट के बीच छठ पूजा स्थलों पर विभिन्न मदों में 30 लाख रुपये से अधिक के कार्य बिना किसी ई-टेंडर प्रक्रिया के ही पूरे करा दिए गए हैं।