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पत्नी की हत्या: सगे भाइयों को उम्रकैद, जमीन के लालच में किया था सात बेटों की मां से निकाह

Fri, 01 Oct 2021 01:02 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
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कानपुर में भाई के साथ मिलकर संपत्ति के लिए पत्नी की हत्या करने के मामले में अपर जिला जज 26 प्रमोद कुमार ने सगे भाइयों को उम्रकैद और 30-30 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माने से 30 हजार रुपये मृतका के उत्तराधिकारियों को मिलेंगे। बिठूर स्थित सुस्सूपुरवा निवासी जरीना ने पड़ोसी रमजान से जमीन खरीदी थी।
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सात बेटों की मां जरीना ने पति की मौत के बाद रमजान के बेटे जावेद से चोरी-छिपे निकाह कर लिया। जावेद अपने पिता की जमीन अपने नाम कराना चाहता था लेकिन जरीना ने उसे अपने बेटे नईम के नाम कर दिया था। इसी बात को लेकर दोनों में मनमुटाव रहने लगा। 20 सितंबर 2015 को जरीना अपनी बहन अमाना बेगम के झाड़ी बाबा पड़ाव स्थित घर चली गई।

सात अक्तूबर की दोपहर जावेद अपने भाई बब्लू के साथ अमाना के घर पहुंचा और जमीन के कागजातों पर हस्ताक्षर न करने पर जरीना को जहरीला केमिकल पिला दिया। इसके बाद दुपट्टे से गला दबाने लगा, लेकिन आसपास के लोगों के इकट्ठा हो जाने पर दोनों भाग गए। जरीना को हैलट में भर्ती कराया गया।
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कोमा में चले जाने के कारण 10 अक्तूबर को उसकी मौत हो गई। एडीजीसी सुशील कुमार पांडे व भास्कर मिश्रा ने बताया कि अभियोजन की ओर से आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने जावेद और बब्लू को हत्या का दोषी मानकर सजा सुनाई।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर देने और गला दबाने से मौत की पुष्टि होने के बाद भी छावनी थाने में अभियुक्तों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। जरीना के बेटे बाबू की अर्जी पर कोर्ट ने आदेश दिया तब भी छावनी थाने में गैर इरादतन हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई।

विवेचना के बाद पुलिस ने मामला ही बदल दिया और सिर्फ खुदकुशी के लिए उकसाने की धारा में चार्जशीट कोर्ट भेज दी। घटना की चश्मदीद अमाना बेगम की गवाही व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अभियोजन ने दोबारा अर्जी देकर हत्या का मुकदमा चलाने की मांग की। जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया और दोष साबित होने पर आरोपियों को सजा सुनाई। 
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