प्रभावित हो सकती है गेहूं की फसल
पहली बार सितंबर में दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा चुका है। डॉ. पांडेय ने बताया कि अलनीनो का असर जनवरी तक रहने की संभावना है। ऐसे में धान के साथ गेहूं की फसल भी प्रभावित हो सकती है। बताया कि इस बार मानसूनी सीजन में रिमझिम बारिश का सिलसिला कई दिनों तक चलने के बजाए, कभी एक घंटे तो कभी शहर के कुछ क्षेत्रों में ही बारिश होकर रह गई।
आईओडी के पॉजिटिव होने की वजह से हुई है बारिश
इस सीजन में अगस्त में सिर्फ एक बार ढाई दिन तक रुक-रुकरुकर बरसात हुई। इसकी वजह यह भी बताई जा रही है कि आईओडी यानि इंडियन ओसिएशन डाइपॉल भूमध्यसागर में भारत की सीध में अभी तक सिर्फ तीन बार ही आया है। यह भी बताया जा रहा है कि इस सीजन में अभी तक जो भी बारिश हुई है, वह आईओडी के पॉजिटिव होने की वजह से है।
अलनीनो का मौसम पर असर
अलनीनो जलवायु प्रणाली का हिस्सा है। इसके सक्रिय होने से बारिश, ठंड, गर्मी के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। यह स्थिति हर साल नहीं, बल्कि तीन सात साल में दिखती है। इस बार भी यह पांच साल के बाद आई है।
- दिन और रात के तापमान में सामान्य से दो से डिग्री की बढ़ोत्तरी।
- बारिश कम होने से धान की फसलों के साथ आगामी गेहूं की फसल पर भी संकट।
- तापमान बढ़ने से कई तरह की बीमारियों का भी खतरा बढ़ा।
- सुबह 11 बजे से ही दोपहर जैसा मौसम होने लगा।
आज से फिर तीन दिनों तक बारिश का मौसम
सीएसए मौसम विभाग प्रमुख डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार ट्रफ लाइन के ऊपर आने से मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। बताया इसकी वजह से अगले तीन दिनों के बीच हल्की से तेजी बारिश हो सकती है। इससे शहर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश के साथ ओले भी पड़ सकते हैं।