मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन पांडेय के अनुसार इस बार बारिश कम होने की वजह चक्रवाती हवाओं का देर से बनना है। साथ ही हवा के कम दबाव वाला क्षेत्र ज्यादातर प्रदेश के निचले क्षेत्रों में होने से बारिश कम हुई। पिछले चार दिनों से लगातार रुक रुककर बारिश होने के बावजूद उमस में कमी नहीं आई है। एक दिन पहले की अपेक्षा अधिकतम तापमान में सिर्फ एक डिग्री की कमी आई है। पारा 34.4 डिग्री रहा। जबकि रात का पारा 24 डिग्री रहा, इसमें .5 डिग्री की कमी आई।
सावन में इस तरह बरसे बादल
22 जुलाई- 0
24 को 19.2
25 को 15.2
26 को 6.8
28 को 3.2
30 को 3.9
01 अगस्त को 0.3
02 को 39.4
05 को 0.2
07 को 7.8
08 को 37
09 को 12.6
10 को 0.3
11 को 27.6
12 को 1.2
13 को 47.8
14 को 0.4
15 को 5.8
18 को 0.2
19 को 62.2