24 से 48 घंटे के बीच बनती रही है ट्रफ लाइन
15 की शाम या फिर 16 सितंबर की सुबह इसकी विदाई हो जाती है। लेकिन इस बार मानसून के आखिरी वक्त में जिस तरह से बारिश हो रही है, उससे लग रहा है कि बरसात आगे भी खिंच सकती है। माैसम विज्ञानी इसे जलवायु परिवर्तन की वजह भी बता रहे हैं। अक्सर ट्रफ लाइन 24 से 48 घंटे के बीच बनती रही है।
8.2 किमी प्रति घंटा रही हवा की रफ्तार
ऐसा पहली बार हुआ है जब कुछ घंटे के अंतराल में ही काले घने बादल बने और तेज बारिश हुई। इस बीच चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्राैद्योगिकी विश्वविद्यालय के माैसम विभाग के अनुसार अधिकतम तामपान 32.7 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा की रफ्तार 8.2 किमी प्रति घंटा रही।
शहर में अलग-अलग दर्ज हुई बारिश की मात्रा
कंपनी बाग-नवाबगंज क्षेत्र: 38.7 मिमी
काकादेव-पांडुनगर क्षेत्र: 37.3 मिमी
नाैबास्त क्षेत्र: 32.4 मिमी
सिविल लाइंस क्षेत्र: 22.8 मिमी
चकेरी क्षेत्र: 19 मिमी