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कानपुर हिंसा: बुलडोजर की कार्रवाई से बचने के लिए वसी का नया पैतरा, केडीए में किया शमन मानचित्र दाखिल

Fri, 22 Jul 2022 07:02 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर हिंसा फंडिंग मामले में आरोपी बिल्डर हाजी वसी ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से बचने के लिए नया पैतरा चला है। उसने केडीए में शमन मानचित्र दाखिल किया है। इससे पहले पप्पू स्मार्ट भी यही कर चुका है।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नई सड़क उपद्रव की साजिश में शामिल बिल्डर हाजी वसी की अवैध इमारतों को ध्वस्त करने की तैयारी प्रशासन कर रहा है। वहीं, चमनगंज में अवैध रूप से बने एक अपार्टमेंट को ध्वस्तीकरण से बचाने के लिए केडीए में शमन मानचित्र दाखिल किया गया है। उधर, केडीए का कहना है कि अपार्टमेंट का जितना हिस्सा नियमानुसार शमन किया जा सकता है। उतने का शमन किया जाएगा, शेष अवैध निर्माण तोड़ा जाएगा। 

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इससे पहले वसी के करीबी पप्पू स्मार्ट की तरफ से भी गल्ला गोदाम, जाजमऊ स्थित अवैध निर्माण को नियमित कराने के उद्देश्य से शमन मानचित्र दाखिल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इसकी जांच कराई जा रही है। केडीए ने वसी के चमनगंज और आसपास के मोहल्लों में अवैध रूप से बन रहे पांच अपार्टमेंट और जाजमऊ के दो अवैध निर्माणों को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की है।

ध्वस्तीकरण की नोटिस देने के बाद एक माह की मोहलत अवधि समाप्त होते ही बुलडोजर चलाने की योजना बनाई गई है। उधर, जेल में बंद परेड बवाल के मास्टर माइंड हयात जफर हाशमी को फंडिंग करने के मामले में जेल भेजे गए बिल्डर हाजी वसी की तरफ से ध्वस्तीकरण से बचने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। केडीए का कहना है कि ज्यादातर निर्माण ऐसा है, जिसका नियमानुसार शमन नहीं हो सकता। इसलिए उनका ध्वस्त होना लगभग तय माना जा रहा है।

पहले नोटिस देकर की खानापूरी, अब आई कार्रवाई की सुध
बिल्डर हाजी वसी के बेटे और उसके साथी की तरफ से जाजमऊ में अवैध रूप से सरकारी जमीन कब्जाकर अवैध इमारत बनाते समय केडीए ने नोटिस देकर खानापूरी कर ली थी। करीब छह महीने में पांच मंजिला बिल्डिंग भी बन गई। अब मामला तूल पकड़ने पर केडीए को कार्रवाई की सुध आई है। 
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गुरुवार को पुरानी फाइल निकलवाने पर पता चला कि इस पांच मंजिला इमारत के निर्माण के दौरान बिल्डर को नोटिस दी गई थी। निर्माण भी रुकवाया गया था, लेकिन अग्रिम कार्रवाई नहीं की गई। ग्राउंड फ्लोर में व्यवसायिक और उसके ऊपर चार मंजिलों में फ्लैट बन गए और उनमें लोग रहने भी लगे। इसमें अभियंत्रण और संपत्ति विभाग की मिलीभगत की भी आशंका है। इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है। ओएसडी अवनीश सिंह के अनुसार इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ध्वस्तीकरण भी हो सकता है।
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