ध्वस्तीकरण की नोटिस देने के बाद एक माह की मोहलत अवधि समाप्त होते ही बुलडोजर चलाने की योजना बनाई गई है। उधर, जेल में बंद परेड बवाल के मास्टर माइंड हयात जफर हाशमी को फंडिंग करने के मामले में जेल भेजे गए बिल्डर हाजी वसी की तरफ से ध्वस्तीकरण से बचने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। केडीए का कहना है कि ज्यादातर निर्माण ऐसा है, जिसका नियमानुसार शमन नहीं हो सकता। इसलिए उनका ध्वस्त होना लगभग तय माना जा रहा है।
पहले नोटिस देकर की खानापूरी, अब आई कार्रवाई की सुध
बिल्डर हाजी वसी के बेटे और उसके साथी की तरफ से जाजमऊ में अवैध रूप से सरकारी जमीन कब्जाकर अवैध इमारत बनाते समय केडीए ने नोटिस देकर खानापूरी कर ली थी। करीब छह महीने में पांच मंजिला बिल्डिंग भी बन गई। अब मामला तूल पकड़ने पर केडीए को कार्रवाई की सुध आई है।
गुरुवार को पुरानी फाइल निकलवाने पर पता चला कि इस पांच मंजिला इमारत के निर्माण के दौरान बिल्डर को नोटिस दी गई थी। निर्माण भी रुकवाया गया था, लेकिन अग्रिम कार्रवाई नहीं की गई। ग्राउंड फ्लोर में व्यवसायिक और उसके ऊपर चार मंजिलों में फ्लैट बन गए और उनमें लोग रहने भी लगे। इसमें अभियंत्रण और संपत्ति विभाग की मिलीभगत की भी आशंका है। इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है। ओएसडी अवनीश सिंह के अनुसार इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। ध्वस्तीकरण भी हो सकता है।