जफर हाशमी की लोगों में दहशत, फैल सकती है अशांति
पुलिस ने एनएसए लगाने के लिए कई आधार रिपोर्ट में लिखे हैं। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में बताया है कि हयात जफर हाशमी ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। इससे समुदायों में द्वेष की भावना फैली थी। समाज में उसको लेकर भय व्याप्त है। अगर वह जेल से छूटा तो अशांति फैल सकती है। बवाल हो सकता है। इसी आधार पर उसके खिलाफ एनएसए लगाया गया है।
अब इनकी बारी, कसेगा शिकंजा
पुलिस ने हिंसा में फंडिंग के मामले में बिल्डर हाजी वसी, बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा, वसी के बेटे को भी जेल भेजा था। सूत्रों के मुताबिक इन सभी के खिलाफ भी एनएसए की कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर संबंधित थाने की पुलिस ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हयात पर इसलिए लगा एनएसए
एसआईटी की जांच में सामने आया कि हयात ने पुलिस को गुमराह करके पर्दे के पीछे से बाजार बंदी की और उपद्रव की साजिश में शामिल रहा। उपद्रव के पीछे उसकी गहरी साजिश थी, जिसमें भारत को दुनिया के देशों में बदनाम करने के अलावा चंद्रेश्वर हाता को खाली कराना मकसद था। जिला प्रशासन द्वारा शत्रु संपत्तियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई में बाधा डालना था, इसलिए उसके खिलाफ एनएसए की कार्रवाई की गई।
बाबा, वसी, अकील और सफीक पर इसलिए लगा गैंगस्टर
एसआईटी की जांच में पता चला कि उपद्रव के लिए हुंकार तो हयात ने भरी थी, लेकिन उसका फायदा हाजी मोहम्मद वसी खान उर्फ वसी, मुख्तार अहमद उर्फ बाबा ने उठाया। इसके लिए दोनों ने डीटू गैंग के हिस्ट्रीशीटर अकील खिचड़ी और सफीक उर्फ भतीजा का सहयोग लिया था, जिससे कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से चल रही शत्रु संपत्तियों की जांच को रोका जा सके।
क्या होता है एनएसए
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) एक ऐसा कानून है, जिसमें यह प्रावधान किया गया है कि यदि किसी व्यक्ति से कोई खास खतरा सामने आता है, तो उस व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकता है। यदि सरकार को लगता है कि कोई व्यक्ति देश के लिए खतरा है, तो उसे गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके तहत आरोपी को तीन माह के लिए बिना जमानत के हिरासत में रखा जा सकता है। इसकी अवधि भी 12 महीने तक बढ़ाई जा सकती है।
पुलिस ने बिल्डर हाजी वसी को बनाया गैंग लीडर
नई सड़क पर हुए बवाल में फंडिंग के मामले में जेल भेजे गए बिल्डर वसी गैंग का नया लीडर होगा। बेकनगंज पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में जो एफआईआर दर्ज की है, उसमें बिल्डर को लीडर बनाया गया है। इस मामले में पुलिस चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
नई सड़क हिंसा की घटना में जब पुलिस ने विवेचना की, तो उसमें बिल्डर वसी और हाजी मुख्तार अहमद उर्फ मुख्तार बाबा का नाम सामने आया था। उसी के आधार पर पुलिस ने इन दोनों को फंडिंग का आरोपी बनाया था। वसी और मुख्तार बाबा को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। उसके बाद एसआईटी ने इस मामले में तेजी पकड़ी। जिसके बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत बिल्डर वसी, मुख्तार बाबा, अकील खिचड़ी और शफीक उर्फ भतीजा एफआईआर दर्ज कर ली।
पश्चिम जोन से हो सकती है विवेचना
बेकनगंज थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत जो एफआईआर दर्ज हुई है। उसकी विवेचना पश्चिम जोन के थाने से कराई जा सकती है। दरअसल बेकनगंज थाना कानपुर पुलिस कमिश्नरी के पूर्वी जोन में आता है। इस मुकदमें में पुलिस ही वादी है। पुलिस ने ही गैंगस्टर लगाई है। वहीं, घटना की विवेचना कर रही एसआईटी के अध्यक्ष भी पूर्वी जोन के ही डीसीपी है।
उस लिहाज से इस जोन की पुलिस मामले की विवेचना नहीं कर सकती। इसके लिए इसे पश्चिम जोन में ट्रांसफर पर निर्णय लिया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले की विवेचना पश्चिम जोन के चमनगंज थाने से कराई जा सकती है। चूंकी सभी आरोपी वहीं और उसके आसपास के क्षेत्र के रहने वाले हैं, जिससे विवेचना करने में आसानी रहेगी।