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Kanpur Violence: ट्विटर ने जानकारी देने से किया इनकार, दर्ज हुईं थीं दो एफआईआर,13 ट्विटर हैंडल्स बनाए गए थे आरोपी

Tue, 21 Jun 2022 07:45 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
कानपुर में नई सड़क बवाल और हिंसा के दौरान ट्विटर पर कथित विवादित व भड़काऊ ट्वीट करने के मामले में ट्विटर मुख्यालय ने पुलिस को उन खातों के संबंध में कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने एक बार फिर से मेल भेज कर प्रयास किया है। नई सड़क हिंसा के मामले में पुलिस कमिश्नर ने चार एसआईटी जांच के लिए गठित की थीं। 

इसमें एक एसआईटी सोशल मीडिया पर किए गए विवादित, भड़काऊ पोस्ट व ट्वीट के बारे में जानकारी जुटा रही थी। कुल 13 ट्विटर हैंडल्स के विषय में जानकारी की जा रही थी। एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि ट्विटर मुख्यालय से आईपी एड्रेस मांगा गया था, जो उपलब्ध नहीं कराया गया। ट्विटर के नियमानुसार जिन ट्वीट को लेकर केस दर्ज किए गए हैं, उनसे उनके कोई भी नियम या कानून का उल्लंघन नहीं होता है। 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
हयात समेत 8 उपद्रवी अलग-अलग जेलों में शिफ्ट
जिलों में हिंसा व बवाल में शामिल सभी आरोपियों को अलग-अलग जिलों की जेल में शिफ्ट किया गया है। हयात जफर हाशमी को चित्रकूट, सूफियान को सोनभद्र, राहिल को पीलीभीत, जावेद अहमद को बस्ती, पीएफआई एजेंट उमर को खीरी जेल, मो. फैसल को सुलतानपुर, निजाम कुरैशी को देवरिया व सऊद कालिया को कासगंज जेल में शिफ्ट किया गया है। प्रयागराज में हुए उपद्रव के एक आरोपी को नैनी जेल से कानपुर जेल ट्रांसफर किया गया है।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
एलआईयू सक्रिय, जुटा रही जानकारी   
बवाल के मामले में जो आरोपी जेल भेजे गए हैं। अब एलआईयू उनके बारे में पल पल की खबर रख रही है। जेल में उनसे कौन मुलाकात करने जा रहा। कितनी देर तक मिला। सभी जानकारी जुटाई जा रही है। जेल प्रशासन भी इन आरोपियों से मिलाई करने वालों का ब्योरा तैयार कर रहा है। 

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बिल्डरों से पूछताछ, गुर्गों के नाम आए सामने 
सूत्रों के मुताबिक हयात से जुड़े बिल्डरों पर शिकंजा कसना शुरू हो चुका है। वहीं, बिरयानी दुकान मालिक को भी एसआईटी ने नोटिस जारी कर बुलाया है। उसकी जगह बेटे ने हाजिर होकर पिता को बीमार बताया। इससे उस पर शक गहरा गया है। उधर शातिर अपराधी बाबर और अफजाल के करीब दस गुर्गों के नाम सामने आए हैं। उनकी भूमिका जांची जा रही है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
संवेदनशील इलाके कैमरों से लैस, 24 घंटे होगी निगरानी
नई सड़क पर बवाल और हिंसा के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। हिंसा प्रभावित व संवेदनशील इलाकों को हाईटेक कैमरों से लैस किया गया है। कंट्रोल रूम के अलावा पुलिस के अफसर अपने मोबाइल व टैब से भी इन कैमरों के जरिये निगरानी कर रहे हैं। कई और ऐसे स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां कैमरे लगेंगे। बवाल के बाद पुलिस ने जब आरोपियों की पहचान के प्रयास शुरू किए थे, तो स्थानीय लोगों के घरों व दुकानों में लगे कैमरों के फुटेज जुटाए थे। मीडियाकर्मियों से भी फोटो व वीडियो लिए थे। मगर अब पुलिस ने नई सड़क, सद्भावना चौकी, यतीमखाना, दादामियां चौराहा, रूपम चौराहा और पेंचबाग के चप्पे-चप्पे को हाईटेक कैमरों से लैस कर दिया है। 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
आरोपियों को ट्रैस करना आसान होगा
ये कैमरे 24 घंटे चल रहे हैं। बिजली के साथ सोलर से भी इनका कनेक्शन है। कैमरों का एक्सेस पुलिस कमिश्नर, ज्वाइंट सीपी, एडिशनल सीपी के अलावा सभी डीसीपी, एडीसीपी व एसीपी के अलावा इंस्पेक्टरों को भी है। 360 डिग्री पर टर्न करके भी इलाके के फुटेज देख सकते हैं। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था आनंद प्रकाश तिवारी ने कहा कि अतिसंवेदनशील व संवेदनशील इलाकों में कैमरे लगवाए गए हैं, जिनको कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। कोई भी अराजकता की स्थित उत्पन्न करता है तो कैमरों में वह कैद हो जाएगा। इससे उसे ट्रेस करना आसान होगा। 
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