कानपुर के बाबूपुरवा और यतीमखाना में सीएए के विरोध पर भड़की हिंसा में हुए नुकसान का नए सिरे आकलन करके वसूली की जाएगी। एक आरोपी की अर्जी पर कोर्ट से वसूली पर स्टे लगने की जानकारी होते ही आईजी मोहित अग्रवाल ने मजिस्ट्रियल कमेटी बनाकर फिर से आकलन कराने के निर्देश दिए हैं।
आईजी ने बताया कि कोर्ट ने पहले ही पुलिस की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि सरकार की क्षति के अनुपात में पुलिस ने बेहद कम रकम तय की है। अब स्टे लगने से पुलिस का काम और आसान हो गया। उनका कहना है कि हिंसा के दौरान बाहर से बुलाई गई फोर्स के आने जाने और ठहरने का खर्च वसूला जाएगा।
वाहनों और फायरब्रिगेड पर आया खर्च भी जुड़ेगा। इसके लिए मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में परिवहन, नगर निगम और पुलिस विभाग की कमेटी बन रही है। महीने भर के अंदर कमेटी क्षतिग्रस्त संपत्तियों का मूल्यांकन और सरकार के अतिरिक्त व्यय का आंकलन करके रिपोर्ट देगी।