चंद्रेश्वर हाते में हम सब पैदा हुए। आखिरी सांस तक यहीं रहेंगे। किसी का डर नहीं है। शासन-प्रशासन साथ है। पलायन करने का सवाल ही नहीं है। यह कहना है चंद्रेश्वर हाता में रहने वाले परिवारों का। दरअसल, बुधवार को सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल हुए जिसमें दावा किया गया कि बवाल के बाद चंद्रेश्वर हाता निवासी कई परिवार पलायन कर गए।
जानकारी मिलते ही पुलिस के अफसर हाते में पहुंचे। कई परिवारों से बातचीत की। तब पता चला कि वायरल मैसेज फर्जी है। उसके बाद अमर उजाला ने हाता में जाकर पड़ताल की। परिवारों से जब बात की तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी ने कोई पलायन नहीं किया है। सभी लोग यहीं रह रहे हैं, जिंदगी यहीं बताएंगे।
पलायन नहीं, पराक्रम करेंगे
फर्जी मैसेज वायरल होने के बाद हाता निवासी लोगों ने बैनर-पोस्टर लगा दिए हैं, जिसमें लिखा है कि पलायन नहीं, पराक्रम करेंगे। हाता के दो मकानों में ताला बंद है। जब इस बारे में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि एक मकान रिटायर्ड केस्को कर्मी अशोक वर्मा का है और दूसरा जगतपुरी का है। अशोक वर्तमान में हैदराबाद निवासी अपने बेटे के पास गए हैं, जबकि जगतपुरी जनरलगंज में दुकान पर थे। इसलिए उनके मकान में ताला लगा था।