नई सड़क हिंसा मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी पर फैसला सुनाए जाने तक के लिए आरोपी उमर के खिलाफ कोई पुलिसिया कार्रवाई पर रोक लगा दी है। बिल्डर हाजी वसी के बेटे समेत कई अन्य लोगों को भी हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है और वह जेल से बाहर आ गए हैं।
कानपुर में नई सड़क हिंसा मामले में बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा के बेटे महमूद उमर को फिलहाल हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी पर फैसला सुनाए जाने तक के लिए उमर के खिलाफ कोई पुलिसिया कार्रवाई पर रोक लगा दी है। मामले में बिल्डर हाजी वसी के बेटे समेत कई अन्य लोगों को भी हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है और वह जेल से बाहर आ गए हैं।
विज्ञापन
नई सड़क पर तीन जून को हुई हिंसा के मामले में हयात जफर हाशमी, बिल्डर हाजी वसी, उसके बेटे अब्दुल रहमान, मैनेजर हमजा के साथ बाबा बिरयानी के मालिक मुख्तार बाबा व उसके बेटे महमूद उमर समेत 56 लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। हिंसा की आड़ में चंद्रेश्वर हाता कब्जाने का आरोप था।
मामले में बिल्डर हाजी वसी के बेटे अब्दुल रहमान, रूमाल हिलाकर भीड़ को हिंसा के लिए इशारा करने के आरोपी अजीम उर्फ अजीम शुक्ला और फरहान कालिया की भी जेल से रिहाई हो चुकी है। मुख्तार बाबा के बेटे महमूद उमर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की थी जिस पर सुनवाई पूरी होने तक के लिए कोर्ट ने पुलिस को कोई भी कार्रवाई करने के लिए रोक दिया है। इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जेल भेजे गए कुछ अन्य आरोपियों को भी हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है।